गंगा जी की अविरलता, निर्मलता के लिए प्राकृतिक प्रवाह सुनिश्चित किया-के एन गोविंदाचार्य

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। महान विचारक भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री के एन गोविंदाचार्य जी अपने अध्ययन प्रवास गंगा यात्रा के क्रम में 15 से 17 सितंबर तक प्रयाग में विभीन्न कार्यक्रमो में रहे।
कार्यक्रम प्रारम्भ होने से पूर्व गंगा मैया के लिये आजीवन समर्पित रहे स्व.प्रो. दीनानाथ शुक्ल जी को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए शशांक शेखर पाण्डेय ने प्रस्तावना रखा और कहा कि गोविन्द जी एक व्यक्ति ही नहीं अपितु स्वयं में एक संगठन हैं।
गोविन्द जी ने प्रकृत केंद्रित विकास पर ज़ोर देते हुए कहा कि गाय,गंगा,गायत्री,जल,जंगल और ज़मीन इस धरा के मूल प्राण तत्व हैं,इनका संरक्षण किया जाना ही मानव सभ्यता को बचाए रखने के लिए आवश्यक है।
आज अतिथि गृह प्रयागराज में प्रयागराज फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री शशांक शेखर पांडेय जी एवं डा प्रमोद शर्मा तथा दत्तात्रेय पांडेय के संयोजन में आयोजित प्रकृति केंद्रित विकास परिचर्चा में अपने विचार रखते हुए कहा कि
गोवंश हत्याबंदी कानून In Letter and Spirit लागू हो| एक मनुष्य पर एक गोवंश
का लक्ष्य रखकर प्रयास हो|गोमाता का निर्देश पत्र का प्रभावी परिणामकारी क्रिन्यावयन हो| इस हेतु गोसंरक्षण मंत्रालय बने| गंगा जी की अविरलता, निर्मलता के लिए प्राकृतिक प्रवाह सुनिश्चित किया जाय| 70% पानी प्रवाह मे रहे और गंगाजी की बाढ़ के उच्चतम स्तर के दोनो तरफ एक- एक कि.मी. जमीन गंगाजी की जमीन मानी जाय, रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज की जाय|
प्रकृतिविध्वंस या प्रकृति को नुकसान पहुंचाने पर कड़े दंड की व्यवस्था हो| संरक्षण पर वैसे ही प्रोत्साहन भी मिले| जमीन, जंगल के स्वामित्व के अधिकार की पुनर्समीक्षा हो| प्रकृति के अनुकूल कानून बने| जलसंरक्षण के लिये जखनी जल ग्राम, लापोड़िया गाँव, धुले जिले के सुरेश खानापुरकर सरीखें प्रयोगों के प्रयास को अपने-2 क्षेत्र की स्थिति को समझकर अपनाया जाय|
कृषि, मिश्रित फसली, बहुफसली हो| पालेकर कृषि पद्धति, उनकी ही पंचस्तरीय बागवानी पद्धति, बुंदेलखंड की आवर्तनशील कृषि पद्धति आदि प्रयोगों के प्रकाश में प्राकृतिक खेती की तरफ बढाव हो| एतदर्थ नीतियाँ भी, व्यवस्था भी अपनाई जाय| अग्निहोत्र पर जोर दिया जाय वनाच्छादनऔरबागवानी को विशेष प्राथमिकता मिले| एतदर्थ वनवासी क्षेत्र के लोगों को इसके लिये विशेष दायित्व मिले| वे दायित्व भी संभाले, लाभार्थी भी वे ही रहें ऐसा कानूनी जामा पहनाया जाय| वहीं स्वदेशी जागरण मंच पूर्वी उत्तर प्रदेश के सह संयोजक डा वी के सिंह के साथ स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने वर्तमान परिस्थियों में स्वदेशी आंदोलन के महत्व एवं दिशा पर चर्चा किया। जिसमे विभाग संयोजक कैप्टन मुकेश, पूनम मिश्र, प्रतापगढ़ संयोजक दत्तात्रेय पांडेय,स्वदेशी के पूर्णकालिक एजुकेटर विकास , स्वावलम्बन समिति से खुशबू कुशवाहा ,सुशील कुमार पाण्डेय,ओम् प्रकाश मिश्रा,दुकान जी,सरदार पतिविंदर सिंह,अनिल पांडेय आदि उपस्थित रहे।




