श्रीमद् भागवत यज्ञ संस्कृति को जन्म देती है – डॉक्टर अनिरुद्ध जी महाराज

धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम
( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। दिव्य अध्यात्म राष्ट्र सेवा मिशन प्रयागराज के तत्वाधान में मुंशी राम प्रसाद की बगिया नारायण वाटिका के प्रांगण में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर डॉ अनिरुद्ध जी महाराज भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत यज्ञ संस्कृति को जन्म देती है और यज्ञ का तात्पर्य केवल अग्नि में आहुति डालना नहीं है यज्ञ शब्द का अर्थ बहुत ही विशाल है इसका तात्पर्य है कि समाज की संपत्ति समाज के लिए समर्पित होने की है अर्थात समाज के संपन्न व्यक्तियों की संपत्ति शोषित वंचित और जरूरतमंदों के बीच में सम भाग से वितरण हो यही यज्ञ का उद्देश्य तात्पर्य होता है और आज की कथा में जगत पिता जगदीश्वर भगवान श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव लीला का वर्णन किया गया। इस अवसर पर दिव्य श्री राधा सखी मंडल की गोपियों के द्वारा भगवान श्री कृष्ण का जन्म उत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। आज की कथा के मुख्य यजमान राधा सखी मंडल के सभी कार्यकर्ता रहें एवं संचालन राजेश केसरवानी ने किया। कथा की महाआरती में मुख्य रुप से किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष और किन्नर कल्याण बोर्ड उत्तर प्रदेश की सदस्य कौशल्या नंदगिरी टीना मां ,विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रांत उपाध्यक्ष पुनीत वर्मापूर्व पार्षद शैलेंद्र द्विवेदी आभा द्विवेदी, डॉक्टर ईशान्या राज, सिविल डिफेंस स्टाफ ऑफिसर रौनक गुप्ता ने भक्तों के साथ महाआरती की। इस अवसर पर नीरज गुप्ता प्यारेलाल जायसवाल अभिलाष केसरवानी आयुष श्रीवास्तव उषा केसरवानी संतोष चौरसिया कुसुम केसरवानी अजय अग्रहरि सचिन मोदनवाल विमला जायसवाल सरिता जायसवाल विजयलक्ष्मी केसरवानी अजय अग्रहरि आलोक वैश्य राकेश जायसवाल, एवं भक्त गण उपस्थित रहे।




