अनुसाशन ही विधार्थी जीवन की सफलता की कुंजी है: डॉ.शिल्पा

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) l टैगोर पब्लिक स्कूल अतरसुइया में सी. बी. एस. ई. स्कूल के प्रधनाचार्यों के संगठन प्रयागो दया-सहोदया स्कूल कंप्लेक्स के तत्वावधान में स्कूल शिक्षकों की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें प्रयागराज और प्रतापगढ़ के 27 सी. बी. एस. ई. विद्यालयों के 56 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। जिसे रिसोर्स पर्सन एवम बेथनी कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर डॉ. शिल्पा और टैगोर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या अर्चना तिवारी ने अतिथियों के साथ किया। उपस्थित अतिथियों और शिक्षक प्रशिक्षणा र्थिओं का स्वागत करते हुए अर्चना तिवारी ने बताया की इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सी. बी. एस. ई. विद्यालयों के शिक्षकों को शिक्षण के नये उपदानों एवम तकनीक से अवगत करा कर उन्हें शिक्षण कला में पारंगत बनाना है। रिसोर्स पर्सन डॉ. शिल्पा ने सभी उपस्थित शिक्षक प्रतिभागियो को प्रशिक्षित किया। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने कक्षा के विद्यार्थियों को
अनुसाशन में रखने, विभिन्न विषयों को रुचिकर बना कर पढ़ाने एवम शिक्षकों को विद्यार्थियों का रोल मॉडल बनकर उन्हें प्रेरित करने की टिप्स दी। उन्होंने विधार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा की विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व है। जब तक वे अनुसाशन की डोर मे बंधे रहते हैं, तब तक कक्षा में सब कुछ व्यवस्थित रहता है। जैसे ही उनमें अनुसाशन की उपेक्षा की वैसे ही कक्षा की अनुशासन की डोर टूट जाती है और सब कुछ अनियंत्रित हो जाता है। इसलिए विद्यार्थियों को सदैव अनुसाशित ढंग से अपने आपको प्रस्तुत करना चाहिए, जो उनकी सफलता की कुंजी साबित होती है। जिसके लिये शिक्षकों को स्वयं विद्यार्थियों के लिये रोल मॉडल बनना चाहिए। जिससे उनके विधार्थी भी वही सीख सकें। क्यों की विधार्थी अपने शिक्षक को ही अपना रोल मॉडल मानता है और उन्हीं की राह पर चलता है। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना तिवारी ने सभी उपस्थित शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए अपने उत्तरदायित्व को जिम्मेदारी से निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने
इस अवसर सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह् एवम प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।


