टोल प्लाजा से न गुजरने दिए जाएं ओवरलोड वाहन: हाईकोर्ट

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों को 150 रुपये लेकर जाने देने को प्रेमजीत भसीन केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत माना है। साथ ही क्षेत्रीय परिवहन कमिश्नर को यह आदेश सरकार के समक्ष रखने का निर्देश दिया है ताकि निर्देशों पर अमल हो सके। कोर्ट ने कहा कि ओवरलोड वाहन के ड्राइवर या वाहन इंचार्ज के रिस्क पर अधिक भार खाली किए जाने के बाद ही चलाने की अनुमति दी जाए। अधिक भार उतारे जाने तक वाहन प्लाजा से जाने न दिया जाए। सरकार एक माह में इसका पालन करे क्योंकि ओवरलोड वाहन दुर्घटना का कारण बनते हैं। इनका संचालन रोका जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने सर्च आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश रूपानी की याचिका खारिज करते हुए दिया है। सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाहा ने याचिका का प्रतिवाद किया। इसी के साथ कोर्ट ने राजमार्गों पर टोल प्लाजा में लगी वाहन भार माप मशीनों के डाटा के आधार पर ई-चालान की वैधता को लेकर दाखिल याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि टोल प्लाजा पर लगी मशीनें सक्षम प्राधिकारी से प्रमाणित होने के आधार पर मान्य हैं। कोर्ट ने आदेश की कॉपी प्रमुख सचिव परिवहन को अनुपालन के लिए भेजे जाने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहन पकड़े जाने पर कानूनन ड्राइवर को एक घंटे के भीतर वजन मशीन एकूरेसी को चुनौती देने का अधिकार है। यह चुनौती ई-चालान मिलने के 15 दिन के भीतर भी दी जा सकती है, उसके बाद नहीं। जनवरी 2020 के ओवरलोड वाहनों का ई-चालान जून 2020 में किया गया। इस खामी को दूर किया जाए। साथ ही टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहन को शुल्क लेकर जाने दिया जा रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन है। ओवरलोड वाहन के संचालन की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती जब तक वाहन का भार मानक के अनुसार कम न किया जाए। इसके पालन की जिम्मेदारी परिवहन अधिकारियों की है।
याचिका में परिवहन आयुक्त के 22 मई 2020 के आदेश को चुनौती दी गई थी। कहा गया था कि कमिश्नर को ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि जवाबी हलफनामे के अनुसार इससे पहले 30 अक्तूबर 2015 को आदेश जारी किया गया था। इस आदेश को चुनौती नहीं दी गई है। जिसके तहत राजमार्ग के टोल प्लाजा पर वजन नापने की मशीन को सक्षम अधिकारी की ओर से प्रमाणित किया गया है और टोल प्लाजा के वजन डाटा के आधार पर चालान करने व पेनाल्टी लगाने का अधिकार दिया गया है।
कोर्ट ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही है। बिना वजन कम किए वाहन चलाने की अनुमति न देने के नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। ओवरलोड वाहन का संचालन रोककर दुर्घटना पर नियंत्रण किया जा सकता है।

