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बिना शर्त माफी मांगने पर घटाया हर्जाना तथ्य छिपाकर दोबारा याचिका दाखिल करने का मामला

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका खारिज होने के बाद दोबारा दाखिल करने पर 10 हजार रुपये का हर्जाना बिना शर्त माफी मांगने पर पांच हजार रुपये कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश का असर याचियों के भविष्य पर नहीं पड़ेगा। कोर्ट ने यह राहत भविष्य को लेकर अपीलार्थियों की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने आलोक कुमार सिंह व चार अन्य की विशेष अपील को निस्तारित करते हुए दिया है।
अनुज द्विवेदी व 25 अन्य ने याचिका दाखिल की, जिसे एकल पीठ ने खारिज कर दिया। याचिका करने वाले पांच याचियों ने यह तथ्य छिपाकर दोबारा याचिका की। इस पर कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने पर प्रत्येक याची पर 10 हजार रुपये हर्जाना लगाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। हर्जाना राशि को अपील में चुनौती दी गई थी।
खंडपीठ ने हर्जाना लगाने के आदेश को सही करार दिया लेकिन उसे कम कर दिया और हर्जाना दो सप्ताह में हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति में जमा करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि यदि हर्जाना जमा नहीं हुआ तो संबंधित जिलाधिकारी राजस्व वसूली प्रक्रिया से वसूल करे।

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