साल्वर गैंग ने पुलिस को दी गलत जानकारी
एसएससी: स्किल टेस्ट में दूसरे के स्थान पर दी थी परीक्षा
नाम-पते की तस्दीक के लिए अब बिहार जाएगी जांच टीम
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से आयोजित स्किल टेस्ट (टाइपिग टेस्ट) की परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने के मामले में गिरफ्तार सभी आरोपितों ने अपना नाम और पता गलत बताया था। कड़ाई से पूछताछ होने पर इन सभी ने बाद में अपना असली नाम-पता पुलिस को बताया, लेकिन पुलिस को इस पर भरोसा नहीं है। इसलिए एक टीम को दोनों नाम-पते की तस्दीक के लिए बिहार भेजा जाएगा। इसमें असली नाम-पता चलने के बाद विवेचना में एफआईआर संशोधित करते हुए दूसरी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। वहीं शुक्रवार को सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया।
एसएससी की कंबाइंड हायर सेकंडरी लेबल (सीएचएसएल) की लिखित परीक्षा के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का स्किल टेस्ट गुरुवार को था। धूमनगंज थाना क्षेत्र के प्रीतम नगर स्थित ज्ञानोदय टेक्निकल इंस्टीट्यूट में भी परीक्षा केंद्र बना था। प्रवेश पत्रों की जांच इंस्टीट्यूट के निदेशक ज्ञानेंद्र सिंह कर रहे थे। उसी समय कुछ अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर उनको संदेह हुआ तो पुलिस को सूचना दी थी। इंस्पेक्टर धूमनगंज अरुण चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े गुड्डू कुमार गुप्ता निवासी सदीसोपुर, बेहट निवासी पटना बिहार, को पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद विजय कुमार निवासी दुर्गागंज बाजार, रानीगंज प्रतापगढ़, मनु कुमार निवासी बाला ठाकुर, नौवतपुर दानापुर, पटना बिहार, राज निवासी मंछाच्छ, बिहार शरीफ, नालंदा बिहार, कुंदन कुमार निवासी कमला गोपालपुर, मनेर, पटना बिहार, मनीष कुमार निवासी रामकृष्ण नगर, कंकडर बाग, पटना बिहार, कुनाल निवासी वैशाली, जिला वैशाली बिहार, गोलीधर यादव निवासी जोरारपुर दैली, हरनौथ, नालंदा बिहार, चंदन कुमार निवासी एकवारी कृष्णानगर, जिनपुरा बिहटा, पटना बिहार को गिरफ्तार किया था, जबकि विवेक कुमार साहू् निवासी नालंदा बिहार फरार हो गया था। पता चला कि वह मास्टर माइंड है और गिरोह का संचालन करता है।
इंस्पेक्टर धूमनगंज अरुण चतुर्वेदी का कहना है कि पहले नाम-पते फर्जी बताए गए थे। जिसके आधार पर लिखापढ़ी गई थी। अब दूसरा नाम-पता बताया गया है। इसलिए जल्द ही एक टीम को बिहार भेजा जाएगा। वहां बताए गए दोनों नाम-पते के बारे में दस्दीक की जाएगी।
इनसेट…
सरगना विवेक की तलाश में दबिश
प्रयागराज। फरार मुख्य आरोपित विवेक कुमार साहू् निवासी नालंदा बिहार की तलाश में कुछ जगहों पर छापेमारी की गई। हालांकि, वह हाथ नहीं लगा। पुलिस को संदेह है कि विवेक ने शहर में ही कहीं शरण ली है। उसका मोबाइल नंबर पता चला है, जिसे ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। एसएससी की परीक्षा के दौरान गिरफ्तार आठ सॉल्वर में अधिकांश बिहार के हैं। पुलिस की सुस्ती से ये चांदी काट रहे हैं। दो साल पहले भी यूपी एसटीएफ में सिपाही भर्ती के दौरान कई सॉल्वर पकड़े गए थे। तब बतौर सरगना नवीन और राजीव का नाम सामने आया था। ये पटना से गैंग संचालित कर रहे थे। राजस्थान और दिल्ली में भी गिरोह पकड़े गए थे। तब चार अन्य का नाम आया, जो नालंदा और पटना के बताए गए। तीन माह पूर्व ही देशभर में इंजीनियरिग, मेडिकल से लेकर अन्य प्रतियोगी परीक्षा में सॉल्वर सेट करने वाले अतुल वत्स गिरोह का नाम उजागर हुआ था, लेकिन अतुल नहीं पकड़ा गया।


