तीर्थ पुरोहित प्रयागवाल वाहिनी के तत्वावधान में धूमधाम से मनाया गया धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी का 114 वीं जन्म जयन्ती मनाई

(विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। यमुना बैंक रोड पर ओमकारेश्वर मंदिर शिवाला घाट पर भव्य समारोह आयोजित किया गया. उक्त समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में टीकरमाफी आश्रम के परमाध्यक्ष स्वमी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज थे. वशिष्ठ अतिथि वेणी माधव मंदिर के श्री महंत साध्वी विभूति जी मुख्य वक्ता के रुप में स्वामी करपात्री जी के परम शिष्य ज्ञान ज्योति संस्था के अध्यक्ष आचार्य पं. राम शंकर शुक्ल थे. अति विशिष्ट अतिथि के रुप में उत्तर प्रदेश के उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी जी. वरिष्ठ समाजसेवी पं. विजय मिश्र. व आदित्य वाहिनी के महामंत्री पं. विजय शंकर मिश्र जी थे. उक्त आयोजन में सर्व प्रथम धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के चित्र पर उपस्थित अतिथियों द्वारा माल्यार्पण के पश्चात दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की गई. आयोजित समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित एवं धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के शिष्य पं. हीरामणि भारद्वाज जी ने किया. कार्यक्रम के शुरुआत में तीर्थ पुरोहित प्रयागवाल वाहिनी के अध्यक्ष अमितराज वैद्य ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर पटुका ओढ़ाकर स्वागत किया. अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों ने धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला. आदित्य वाहिनी के महामंत्री पं. विजय शंकर मिश्र ने स्वामी करपात्री जी के जीवन पर चर्चा करते हुए स्वामी जी के द्वारा किये गए सभी प्रयासों को सार्थक बताया. ज्ञान ज्योति संस्था के अध्यक्ष श्री राम शंकर शुक्ल जी ने स्वामी करपात्री जी के द्वारा अजर अमर जयघोष धर्म की जय हो. अधर्म का नाश हो. प्राणियों में सद्भावना हो. विश्व का कल्याण हो. का नारा आज भी गुंजायमान है. उन्होंने सफल कार्यक्रम के वाहिनी के समस्त पदाधिकारियों की सराहना की. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी जी ने कहा कि आज जो दुर्दशा देश की है उसके पीछे कहीं न कहीं हमने धर्म वेद शास्त्रों को नजरअंदाज किया है. उन्होंने धर्म सम्राट स्वामी जी के जीवन पर बताया कि स्वामी जी ने देश के उत्थान के लिये बहुत बड़ा योगदान दिया था. यदि आज भी हिन्दू धर्म उसे आत्मसात करे तो फिर से हम सभी अपने धर्म के मूल पर चलकर भारत में पुनः अपने मान और सम्मान को स्थापित कर सकते हैं | वेणी माधव मंदिर की महंत श्री विभूति जी ने कहा कि तीर्थ पुरोहित प्रयागवाल वाहिनी के एवं तीर्थ पुरोहित समाज द्वारा ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहें कार्यक्रम में हर प्रकार से सहयोग करने का वादा करती हूं | मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित टीकरमाफी आश्रम के महंत स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी जी ने कहा कि पूज्य करपात्री जी महाराज ने ब्राह्मण समाज की हर प्रकार से सहायता की सनातन धर्म का पताका फहराने में कोई कसर नही छोड़ा परन्तु आज लोग अपने धर्म शास्त्र संतों के सानिध्य दूर पश्चिमी देशों के संस्कार को अपना रही है। भारत की संस्कृति धर्म वेद शास्त्र और संतों के मतों के आधार पर सनातन धर्म को जोड़कर चलने की रही है | जिस दिन यह पुनः अपने अस्तित्व में आ जायेगा. तो भारत पुनः विश्व गुरु बन जायेगा | धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज ने अनेक प्रकार से देश में सनातन धर्म की अलख जगाये रखी. उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रयागवाल वाहिनी के द्वारा आयोजित जन्म जयंती समारोह की भूर भूर प्रशंसा करते हुए सभी पदाधिकारियों अपनी शुभकामनायें देते हुए आगे भी इसी तरह के आयोजन करने का आशीर्वाद दिया | और कहा कि जब भी आप सभी सनातन धर्म के प्रचार प्रसार में ऐसे कार्यक्रम करेंगे. प्रयाग अति विशिष्ट नागरिकों के साथ संत समाज भी बढ़चढ़ आपके साथ चलेगा | ऐसा मै भरोसा दिलाता हूं | वरिष्ठ समाजसेवी विजय मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि तीर्थ पुरोहितों के नेतृत्व में प्रयाग का समस्त ब्राह्मण समाज एकजुट हो. और सनातन धर्म में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने का पूरा प्रयास किया जायेगा | और आगे और भव्यता से ऐसे आयोजनों को किया जायेगा | तत्पश्चात अध्यक्षता कर रहे पं. हीरामणि भारद्वाज जी ने स्वामी करपात्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए। सभी अतिथियों को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की | कार्यक्रम का संचालन वाहिनी के संयोजक पं. श्रवण कुमार शर्मा ने किया | उक्त अवसर पर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकृष्ण तिवारी. राष्ट्रीय महासचिव चन्द्रनाथ चकहा मधु जी. मोहन लाल शर्मा. सुरेश तिवारी. दिनेश तिवारी भय्यो महाराज. गोपाल काला. गौतम पान्डेय. रसिक तिवारी. बलराम शर्मा. सनील प्रोहा. राजन तिवारी. विजय भारद्वाज. राकेश शर्मा. अन्जनी शंकर पान्डेय रिषभ मिश्र. अभिषेक पान्डेय. अभिषेक शर्मा, अजय मिश्र. अनिल मिश्र. रामनाथ वैद्य. टुनटुन गुरु. आशुतोष झा. राज कुमार मिश्र. उमेश शर्मा. गुड्डू पान्डेय. सहित सैकड़ों की संख्या में प्रयागवाल तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे | जानकारी वाहिनी के मिडिया प्रभारी अनंत पान्डेय डम्पी ने दिया।




