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आर्य कन्या महाविद्यालय में चित्रकला विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कला प्रदर्शनी

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आर्य कन्या महाविद्यालय में चित्रकला विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय कला प्रदर्शनी एवं एक दिवसीय व्याख्यान दृश्यकला : चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय पर व्याख्यान हुआ।

 

एक ही चित्र को भिन्न-भिन्न दृष्टिकोणों से देखने पर भिन्न-भिन्न अर्थ निकलते हैं। सुधीर नारायण

मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) श्री सुधीर नारायण ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक ही चित्र को भिन्न-भिन्न दृष्टिकोणों से देखने पर भिन्न-भिन्न अर्थ निकलते हैं। चित्रकला के तीन भाग शैली, रंग और विषयवस्तु है जिसमे समय-समय पर परिवर्तन होता रहा है। अपने वक्तव्य में उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत का उल्लेख करते हुए मुगलकाल की कला की चर्चा करते हुए आधुनिक चित्रकला की चर्चा की।

मुख्य वक्ता प्रो0 अजय कुमार जेटली महाविद्यालय के पचास वर्ष के इतिहास का स्मरण करते हुए कला से सम्बन्धित अपने छात्र जीवन के संस्मरण सुनाए। उन्होंने कला के विभिन्न वर्गीकरण करते हुए दृश्य कला और अव्य कला का अन्तर बताया। उन्होने चित्रकला से सम्बन्धित रेखाओं और रंगों के बारे में सजीव चित्रण किया। प्राचीन काल से मध्य काल तक कलाओं के माध्यम से उत्सव को व्यक्त किया जा सकता है। वैश्वीकरण के दौर में कक्षाएं जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। इस अवसर पर अध्यक्ष व प्राचार्या द्वारा सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह ससम्मानित किया
गया। उपस्थित सभी विद्वत्जनों ने कला-प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं इस प्रदर्शनी में आर्य
कन्या डिग्री कॉलेज. इलाहाबाद विश्वविद्यालय, एस०एस०खन्ना डिग्री कॉलेज. हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज के पेन्टिग विभाग की प्रस्तुतियां भी।अध्यक्षता कर रहे शासी निकाय के अध्यक्ष श्री पंकज जायसवाल जी ने कहा कि कला यह माध्यम है जिससे मानसिक भावों को चित्रों में उकेरा जा सकता है। प्राचार्या डॉ0 रमा सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए कला की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 रंजना त्रिपाठी ने एवं कार्यक्रम की संयोजिका माधवी निराला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर डॉ0 रेनू जैन, डॉ0 ममता गुप्ता, डॉ० कल्पना वर्मा, डॉ0 इभा सिरोठिया, डॉ0 ज्योतिरानी जायसवाल, डॉ0 अमित पाण्डेय, डॉ० अमित कुमार, डॉ० सव्यसांची आदि बहुत से शिक्षक व छात्र छात्राएं जिनकी चित्र प्रदर्शनी में भी उपस्थित रहे।

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