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“लोक पर्व-लोक स्वर’’ के अंतर्गत चल रही माटी के गीतों की कार्यशाला हुई सम्पन्न, आयोजन जल्द

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से ‘‘लोक पर्व लोक स्वर’’ श्रृंखला के अंतर्गत चल रही थाती के लोकगीतों की कार्यशाला का समापन, सहयोग कर रही संस्था ‘पदमश्री संगीत समिति’ के सभागार में हुई। केन्द्र के निदेशक श्री इन्द्रजीत सिंह ग्रोवर ने कार्यशाला के स्वरूप में बदलाव करते हुए नई पहल की शुरुआत की है, उनका कहना कि लोकगीतों के मूल स्वर ग्रामीणांचल में है और अभी तक वहां के कलाकारों को वो पहचान नहीं मिल पायी है जो उन्हे अब तक मिलनी चाहिए। इसलिए लोकगीतों को सिखाने तथा उनके असली मर्म को लोगों तक खासकर युवा पीढि़यों के बीच संचारित करने के लिए आवश्यक है कि किसी ग्रामीण पृष्ठभूमि में रह रहे कलाकार से ही कार्यशाला में लोकगीत का प्रशिक्षण दिलाया जाय। इस श्रृंखला में यह कार्यशाला प्रयागराज के अल्लापुर स्थित पदमश्री संगीत समिति के सहयोग से सम्पन्न करायी गयी। मुख्य प्रशिक्षिका के रुप मंे करछना के बेंदौ ग्राम से आयी लोक-गायिका मुरगुला देवी, जो किन्ही कारणों से अब तक सामने उभरकर नही आ पायी थी, से ठेठ ग्रामीण लोकगीतों की शिक्षा वच्चों ‘को दिलवायी गयी। सुश्री अंजली भारद्वाज ने उनका प्रशिक्षण में सहयोग किया। मुरगुला देवी ने लोकगीतों मे पचरा, सोहर, उठान, सोहाग, विकास गीत, विवाह गीत व बारह मासा के ऐसे गीतों का प्रशिक्षण दिया, जिससे बच्चों के मन में लोक व ग्राम्य जीवन के प्रति अनुराग उत्पन्न हुआ। ‘‘निमिया के डारि भइया’ (पचरा), अच्छी-अच्छी चुनरी रंगाया मोरे आजा (विवाह गीत), अरे एही अजोधिया में दुई रे बलकवा (सोहाग गीत), बाजति आवै सरंगिया, बरहु जोड़ी बाजन हो (शोहर) और सूना लागे तोहे बिन भवनवा जैसे बारामासा गीतों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन गीतों ने न सिर्फ लोकगीती का विस्तार शहरी परिवेश में किया अपितु लोकभावों को युवा पीढ़ी के भीतर बीजारोपण करने का भी कार्य किया। केन्द्र की ओर से केन्द्र के प्रतिनिधि कृष्ण मोहन द्विवेदी ने समापन सत्र पर सभी को बधाई दी और बताया कि आने वाले सप्ताह में इस कार्यशाला में सिखाए गये गीतों की प्रस्तुति प्रस्तावित है, जिसकी सूचना केन्द्र द्वारा दी जाएगी। इस अवसर पर केन्द्र के अन्य प्रतिनिधियों सहित कार्यशाला में प्रशिक्षण दे रहे संगतकार मौजूद रहे जिसमें रवि शंकर, प्रभात पाण्डेय, हिमानी रावत, रोशन पाण्डेय आदि की उपस्थित रहे।

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