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मेला क्षेत्र में सुविधाओं के लिए मारामारी शुरू हर संस्था चाहती है बेहतर सुविधा मिल जाए

( अनुराग शुक्ला आनंत पांडे ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। माघ मेला में जमीन आवंटन पांच जनवरी को पूरा हो गया। उसके पास से सभी संस्थाओं और संतों को सुविधाओं की पर्ची दी जाने लगी। अब तक करीब डेढ़ हजार संस्थाओं को सुविधा पर्ची दी जा चुकी है।

इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कई संस्थाओं की सुविधाओं में कटौती भी की गई है।

संस्‍थाओं व संतों को सुविधाओं की दी जा रही पर्ची

दरअसल माघ मेला में लगने वाले सभी टेंट शासन की ओर से फ्री में लगते हैं। सारी सुविधाएं प्रशासन की ओर से दी जाती है। यहां कल्पवास करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को केवल खानपान और कपड़े की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसलिए टेंटों पर हर साल प्रशासन का करोड़ों रुपये खर्च होता है। इस बार भी मेला का बजट करीब 60 करोड़ रुपये का है। मेला में सुविधा के लिए अफसरों के पास सिफारिश की बाढ़ आ गई है। दो महीने के लिए लगने वाले इस मेले के लिए मंत्री, नेता और अफसर सिफारिश कर रहे हैं। मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार माघ मेला के लिए बजट कम है। उसी बजट के अनुसार सब को सुविधाएं दी जा रही है। जिसकी जितनी जरूरत है, उसी हिसाब से दिया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी संस्थाओं को सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।
जमीन के लिए आपस में झगड़ रहे हैं ।संत जमीन के लिए संत आपस में झगड़े रहे हैं। मेला प्रशासन ने इस बार संस्था के अध्यक्ष को जमीन दे दी थी, जिससे कि वह अपने लोगों को उसका वितरण कर लें। हालांकि उनमें विवाद शुरू हो गया है। आचार्य बाड़ा, खाक चौक और दंडी बाड़ा के संतों के बीच आपसी विवाद हो रहा है। विवाद के चलते पिछले दिनों मारपीट भी हुई थी। इस विवाद के चलते कुछ संतों ने अलग संस्था बनाकर मेला प्रशासन से जमीन की मांग की है।

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