Latest

किसानों को टकराव से बचना चाहिए: स्वामी महेशाश्रम

 

विपक्षी दलों से बचेंगे तभी कुछ हासिल कर सकेंगे किसान: स्वामी ब्रह्माश्रम

( अनुराग शुक्ला )
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। भारत में काले कानून नहीं बनते हैं। यहां सरकार जो भी कानून बनाती है नागरिकों के हित में बनाती है। कृषि कानून भी किसानों के हित में हैं। किसानों को जिन बिंदुओं पर संदेह या आपत्ति हो उन पर सरकार से वार्ता कर समाधान कराना चाहिए। किसानों को कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो। उन्हें किसी भी हाल में टकराव से बचना चाहिए, ऐसा करके ही वह कुछ हासिल कर पाएंगे। यह बातें अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के संरक्षक शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम ने माघ मेला क्षेत्र स्थित अपने शिविर में किसान आंदोलन के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में कही। शंकराचार्य ने कहा की किसानों को सरकार से अपने लिए कुछ मांगने का पूरा अधिकार है लेकिन हठधर्मिता नहीं अपनानी चाहिए। बातचीत से ही किसी भी समस्या का समाधान होता है। सरकार के मुताबिक उसने किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही कानून बनाए हैं, फिर भी यदि किसानों को किसी बात पर आपत्ति है तो बातचीत कर उसका समाधान निकालना चाहिए। उन्हें कुछ भी ऐसा करने से बचना चाहिए जो कानून के खिलाफ हो। संसद में बने कानून को एक सिरे से खारिज करने की बात करना उचित नहीं है। स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि आंदोलन में राजनीति भी घुस गई है, शायद इसी के चलते समाधान निकलने में दिक्कत आ रही है। अखिल भारतीय दंडी सन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम ने कहा कि किसानों को यदि कुछ पाना है तो विपक्षी दलों से बचना होगा। यदि राजनीतिक दल किसान आंदोलन को अपने लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करने में सफल हुए तो इससे सिर्फ और सिर्फ किसानों का ही नुकसान होगा। उन्हें जो कुछ मिल सकता है, शायद वह न मिल सके। संतद्वय ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोई संतोषजनक समाधान निकलेगा और किसान आंदोलन खत्म होगा।

Related Articles

Back to top button