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सिक्स लेन ब्रिज के लिए दी 32.979 हेक्टेयर जमीन

जिला प्रशासन को पहले लेनी पड़ी कैबिनेट से मंजूरी

राजमार्ग मंत्रालय के नाम हुई जिला प्रशासन की जमीन

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। लखनऊ मार्ग पर गंगा नदी पर बनाए जा रहे सिक्स लेन ब्रिज के लिए जिला प्रशासन ने 32.979 हेक्टेयर जमीन मुफ्त में दे दी है। सौ करोड़ से अधिक कीमत की इस जमीन के लिए कैबिनेट से मंजूरी लेनी पड़ी थी। कैबिनेट से मंजूरी के बाद पिछले दिनों इस जमीन को राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम कर दिया गया है। यह जमीन मिलने से राष्ट्रीय राजमार्ग का खर्च कुछ कम हुआ है।
शहर में स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक करीब दस किलोमीटर लंबा ब्रिज गंगा पर बनना है। इसकी लागत करीब दो हजार करोड़ रुपये आएगी। पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने इसका उद्घाटन किया था। उसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस ब्रिज के लिए गंगा को छोड़कर कुल 62.0662 हेक्टेयर जमीन लगेगी। इसमें 29.0875 हेक्टेयर जमीन निजी है। इस जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। इसमें नौ गांव और मोहल्लों की जमीन आ रही है। जिनकी जमीन आ रही है, उनको करीब कुल 115 करोड़ मुआवजा दिया जा रहा है। अधिकतर को मुआवजा दिया जा चुका है।
निजी के अलावा 32.979 हेक्टेयर जमीन राजकीय आस्थान और ग्राम सभा की है। यह जमीन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय फ्री में चाह रहा था। विभाग के अधिशासी अभियंता राज किशोर सिंह ने इसके लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा। चूंकि प्रदेश में अब तक ऐसी व्यवस्था नहीं थी कि जमीन मुफ्त में दी जाय। अधिशासी अभियंता के प्रस्ताव को जिला प्रशासन ने शासन को भेज दिया। प्रदेश सरकार ने प्रयागराज के विकास के लिए जरूरी छह लेन ब्रिज के लिए इस जमीन को मुफ्त में देने के लिए कैबिनेट से मंजूरी दे दी। मंजूरी मिलने के बाद चार जनवरी को प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने जमीन को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि जमीन मिलने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। पिछले दिनों जिला प्रशासन ने इस जमीन को राजमार्ग मंत्रालय के नाम दर्ज करवा दिया है। मलाक हरहर की तरफ से काम भी शुरू करवा दिया है। शहरी क्षेत्र में राजकीय आस्थान की जमीन पर कुछ मकान बने हैं, उनको नोटिस दिया गया है। वह खुद ही मकान गिरा लेंगे।

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