सलोरी ओआरएबी निर्माण में फंसा पेंच

सेना ने जमीन के लिए अब तक नहीं दी एनओसी
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। सलोरी में बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के लिए सेना ने अब तक एनओसी नहीं दी है। सेना ने जमीन के बदले जमीन लेने से इन्कार कर दिया है। इससे ब्रिज निर्माण में पेंच लग गया है। सलोरी रेलवे क्रासिंग पर जाम से जूझ रहे लोगों की मांग को देखते हुए पिछले दिनों डिप्टी सीएम केशव प्रयाद मौर्य ने इस आरओबी का शिलान्यास किया था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे साल भर से पहले पूरा कर दें।
शिलान्यास के बाद ब्रिज कार्पोरेशन ने प्रक्रिया शुरू कर दी। 52.82 करोड़ की लागत से 737 मीटर लंबे आरओबी में सेना की 1.0207 हेक्टेयर जमीन आ रही है। उस जमीन को लेने के लिए ब्रिज कार्पोरेशन ने सेना के अधिकारियों से बात की। सेना ने ईवीआई (इक्वलेंट वैल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर) के तहत जमीन के बदले जमीन मांगी। तब जिला प्रशासन ने उन्हें सोरांव में जमीन दिखाई, लेकिन उन्हें वह पसंद नहीं आई, इसलिए उसे लेने से इन्कार कर दिया गया। इस बीच सेना में जमीन को लेकर नया नियम ईवीआई (इक्वलेंट वैल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर) आ गया।
इस नियम के आने के बाद सेना ने जमीन के बदले जमीन लेने से इन्कार कर दिया है। कहा कि उनके पास जमीन पर्याप्त है। नए नियम के तहत उन्हें जमीन के बदले उस कीमत का कैंट क्षेत्र में निर्माण करा दिया जाय। सेना की नई डिमांड से आरओबी निर्माण के काम पेंच लग गया है। अब तक जिला प्रशासन जमीन के बदले ग्राम समाज की देकर मुफ्त में काम काम चला लेता था। लेकिन अब धनराशि खर्च करनी पड़ेगी। प्रदेश में अभी ईवीआई का नियम नहीं है। ऐसे में निर्माण कार्य में देरी हो सकती है।
इस मामले में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह ने कहा कि सेना के अधिकारियों को एक जमीन दिखाई गई, वह उन्हें पसंद नहीं आई। दूसरी जमीन उनको एयरपोर्ट के पास इसी हफ्ते दिखाई जाएगी, शायद वह पसंद आ जाए। फिलहाल ईवीआई नियम पर भी प्रदेश सरकार से गाइड लाइन मांगी गई है। उसमें शासन से जैसा निर्देश मिलेगा, वैसा किया जाएगा।



