Latest

दत्तक पुत्र को प्रशिक्षण पर भेजने पर करें विचार

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सेना भर्ती अधिकारी लखनऊ को पूर्व सैनिक के दत्तक पुत्र याची को वरीयता देते हुए प्रशिक्षण पर भेजने के संबंध में विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। सेना भर्ती अधिकारी लखनऊ को हाईकोर्ट का निर्देश

कोर्ट ने कहा है कि सेना में सूबेदार रहे राम बहादुर पाल ने हलफनामा देकर दत्तक पुत्र को वरीयता देने और प्रशिक्षण पर भेजने का अनुरोध किया है जिसे अन्य साक्ष्यों के साथ विचार में लिया जाए।
एकल पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि याची की वरीयता देने की अर्जी सेना की ओर से निरस्त होने के बाद गोदनामा पंजीकृत किया गया है। खंडपीठ ने इस आदेश को सही नहीं माना और कहा कि जब पूर्व सैनिक ने हलफनामा देकर 2001 में गोदनामा बताते हुए दत्तक पुत्र को वरीयता देने की मांग की थी तो उसे साक्ष्य के रूप में लेना चाहिए था। गोदनामे के बाद में पंजीकृत होने का कोई सरोकार नहीं है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने हरनामू पाल की विशेष अपील को निस्तारित करते हुए दिया है। अपील पर अधिवक्ता धनंजय कुमार ने बहस की। याची ने अपने पूर्व सैनिक का दत्तक पुत्र होने का गोद लेने वाले पिता का हलफनामा देकर नियुक्ति में वरीयता देने व प्रशिक्षण पर भेजने की अर्जी दी। उसकी अर्जी निरस्त कर दिया गया तो हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को रद करते हुए पिता के हलफनामे को साक्ष्य के रूप में विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

Related Articles

Back to top button