अपूर्वा त्रिपाठी को आईएएस में 68वीं रैंक, पीसीएस 2019 और 2020 में भी हो चुका है चयन
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से शुक्रवार को जारी सिविल सेवा परीक्षा 2020 के परिणाम में संगमनगरी की अपूर्वा त्रिपाठी ने 68वीं रैंक हासिल की है। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। मुख्य परीक्षा में उनका वैकल्पिक विषय भूगोल था। इससे पहले आईएएस 2019 की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता मिली थी, लेकिन मुख्य परीक्षा में निराशा हाथ लगी थी।
25 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली अपूर्वा ने बताया कि उन्होंने कोई कोचिंग नहीं की थी। वाईएमसीए सेंटेनरी स्कूल एंड कॉलेज से 2013 में 84 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं करने के बाद उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से 2018 में बीटेक किया। उसके बाद अगस्त 2018 से घर पर रहकर सिविल सेवा की तैयारी करने लगीं। उनके पिता दिनेश त्रिपाठी सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता हैं। मूलरूप से गोरखपुर की बांसगांव तहसील के मलांव गांव के निवासी दिनेश त्रिपाठी वर्ष 2000 से प्रयागराज में गंगानगर राजापुर में रह रहे हैं। मां सीमा त्रिपाठी गृहणी हैं। छोटी बहन अंजली बीएससी और छोटा भाई अनिमेष बीटेक कर रहा है।
अपूर्वा त्रिपाठी ने महज सात महीने में तीन बड़ी सफलता हासिल की है। इसी साल 17 फरवरी को घोषित पीसीएस 2019 के परिणाम में उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ था। उसके बाद 12 अप्रैल को जारी पीसीएस 2020 के रिजल्ट में एआरटीओ के पद पर सफलता मिली। शुक्रवार को घोषित आईएएस के परिणाम में 68वीं रैंक ने मन की मुराद पूरी कर दी। प्रतियोगी छात्रों को अपूर्वा त्रिपाठी ने सलाह दी है कि जिस परीक्षा की भी तैयारी कर रहे हैं उसके पूर्व के वर्षों के प्रश्नपत्रों को जरूर देखें। सामान्य अध्ययन के लिए एनसीईआरटी और रिफरेंस बुक के अलावा करेंट अफेयर्स के लिए वेबसाइट के कंटेट को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करें। टेस्ट सीरीज ज्वाइन करने से पेपर लिखने में मदद मिलती है क्योंकि लिखने की प्रैक्टिस होना जरूरी है।



