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ज्ञानमाता के निधन पर शोक, दी श्रद्धांजलि, अनुराग दर्शन परिवार ने दी श्रद्धांजलि

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। आश्रम अनुसंधान एवं संस्थान की महा सचिव ज्ञानमाता डा राधा सत्यम के आकस्मिक निधन पर शनिवार को श्रद्धांजलि दी गयी। उनके द्वारा सनातन धर्म के उत्थान और क्रियायोग में दिये गये उल्लेखनीय योगदान के लिए हमेशा याद किया जायेगा।

क्रिया योग अनुसंधान संस्थान झूसी की महासचिव ज्ञान माता डॉ राधा सत्यम के आकस्मिक निधन से हम सभी हतप्रभ हैं। सुल्तानपुर निवासी ज्ञानमाता डा राधा सत्यम ने इविवि से एमएससी के बाद बीएमएस किया। वह कमला नेहरु मेमोरियल अस्पताल से लंबे समय तक जुडी रही। उसके बाद डाक्टरी छोडकर क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान झूंसी से जुड गयी और क्रियायोग के प्रचार प्रसार मे आजीवन लगी रही । आज अनुराग दर्शन कार्यालय में समस्त कार्यकर्ताओं के बीच एक शोक सभा हुई । ज्ञान माता राधा सत्यम जी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अनुराग दर्शन के प्रधान संपादक अनुराग शुक्ला ने कहा प्रयागराज ने एक प्रतिभावान योग गुरु खो दिया । अनुराग दर्शन परिवार उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करती है। वही हरि श्याम मानव कल्याण शिक्षा एवं शोध संस्थान चौफटका अम्बेडकर विहार प्रयागराज के सचिव  राजीव कुमार मिश्रा ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि अपने योग के माध्यम से देश विदेश में प्रयागराज का नाम रोशन करने वाली डॉक्टर राधा सत्यम एक कुशल डॉक्टर थी। कई मौकों पर ज्ञान माता ने एक मार्गदर्शक के रुप में संस्था का मार्गदर्शन किया । इस मौके पर संस्था की उप प्रबंधक / प्रधानाचार्या श्रीमती अमिता मिश्रा, पंकज दीक्षित, शिखा खन्ना, ओम प्रकाश ओझा आदि ने श्रद्धांजलि दी। किन्नर अखाडा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी महराज ने ज्ञानमाता के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जब वह पहली बार प्रयागराज आई थी तो क्रियायोग आश्रम जाने पर उनका अपनत्व देखते ही बना। वह कुंभ के दौरान कई बार शिविर मे भी आई थी।
उनके आकस्मिक निधन से सनातन धर्म और क्रियायोग  को भारी क्षति हुई है जिसकी भरपाई संभव नही है। 

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