सिपाही ने राइफल की बट से युवक का सिर फोड़ा

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। रविवार को कोतवाली पुलिस का शर्मनाक चेहरा सामने आया। चेकिंग के दौरान सिपाही ने एक युवक के सिर पर राइफल की बटू से मार कर दिया जिससे उसका सिर फट गया।
चेकिंग के दौरार साउथ मलाका चौकी के पासू हुई घटना, लीपापोती में जुटी रही पुलिस
युवक के चीखने-चिल्लाने पर पुलिस टीम जांच रोककर मौके से हट गयी। कोतवाली पुलिस सिपाही की गलती पर पर्दा डालने के लिए मामले को दूसरा रंग देने को करती दिखी । पुलिस के मुताबिक सिपाही की पैर पर गाड़ी चढ़ा दी और फिर मौके से भाग गया। रविवार की देर शाम कोतवाल अपने हमराहियों और स्थानीय चौकी साउथ मलाका की फोर्स के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों
के मुताबिक लगभग सवा सात बजे स्कूटी सवार एक युवक उधर से गुजरा। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन वह
कुछ कदम दूर जाकर रुका। इससे तमतमाये एक सिपाही ने उसके पास पहुचकर राइफल की बट से उसके सिर पर मार दिया।
बट के प्रहार से युवक का सिर फूट गया और वह लहूलुहान हो गया। सिपाही द्वारा मारे जाने से झल्लाये युवक ने पुलिसकर्मियों
पर चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। मौके पर लोगो की भीड़ जुटने लगी। बात बढ़ती देख पुलिसकर्मी जाँच रोककर मौके से
हट गये। घायल युवक एसएसपी के पास जाकर शिकायत करने की बात कहकर घूटनास्थल से चला गया। घटना को लेकर आसपास लोगों में काफी गुस्सा आ रहा इस संबंध में कोतवाल से बात की गई तो युवक की सर फटने की बात नहीं बताई लेकिन यह कहा युवक ने उनके धीरेंद्र नाम के सिपाही के पैर पर गाड़ी चढ़ा कर भाग गया सिपाही के चोट के बारे में पूछने पर स्पेक्टर ने कहा मेडिकल कराने पर पता चलेगा। एक और बात गौर करने की है कि इतनी पुलिस फोर्स के सामने युवक सिपाही के पैर पर गाड़ी चढ़ाकर भाग कैसे गया। यह भी तो पुलिस की विफलता है।
चौकी पुलिस से परेशान है लोग
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। साउथ मलाका पुलिस चौकी के लोगों से स्थानीय लोगों में काफी नाखुशी है। आये दिन कोई न कोई शिकायत यहाँ
के पुलिसकर्मियों की सामने आती है। चौकी में तैनात लालजी नाम के सिपाही का क्षेत्र में बड़ा आतंक है। स्थानीय लोगों के
आरोपों के मुताबिक वह लोगों से बदसलूकी कर धन उगाही करता है। उसे चौकी प्रभारी का संरक्षण प्राप्त है। कुछ सेवकों का भी चौकी में उठना-बैठना है। यह सेवक अपनी दोस्ती और दुश्मनी के हिसाब से पुलिस का कान भरते हैं। कई बार इन सेवकों
के इशारे पर बेकसूर लोगों के साथ भी बदसलूकी हो चुकी है। बीते कुछ दिनों में लॉकडाउन के दौरान कुछ घटनाएं सामने आयी
है। लेकिन लोग डरवश उच्चाधिकारियों तक शिकायत लेकर नहीं जाते हैं।




