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तीन लाख इकत्तर हजार पार्थिव शिवलिंग अभिषेक कर अभिभूत हुए भक्त

 

अगर मन में श्रद्धा नहीं तो तीर्थों में जाना व्यर्थः देवकीनंदन महाराज

मथुरा ( अनुराग दर्शन समाचार ) भगवान की भक्ति करते हुये मृत्यु को प्राप्त हुये व्यक्ति को भगवान मुक्ति प्रदान करते हैं । अगर मन में श्रद्धा-भक्ति के भाव नहीं हैं तो तीर्थों में जाना व्यर्थ है । आज तीर्थों में जाने का उद्देश्य भक्ति नहीं बल्कि पिकनिक हो गया है, यह गलत है । उक्त विचार भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन महाराज ने डेढ़ करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण आयोजन में ज्योर्तिलिंग कथा श्रवण कराते हुये व्यक्त किये। नेशनल हाईवे 19 के ग्राम जैंत स्थित ‘मेरो ब्रज’ आयोजन स्थल पर शुक्रवार को शिव भक्तों ने 22 वे दिन 3 लाख इकत्तर हजार पार्थिव शिवलिंग बनाकर पुष्पों, बिल्वपत्रों एवं फलों के द्वारा पूरे विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक किया । इस दौरान मंत्रोच्चारों से पूरा वातावरण गुंजित हो रहा था। श्रावण मास में विश्वेश्वर महादेव एवं भीमाशंकर महादेव की कथा के माध्यम से भक्तों को ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं मानसिक यात्रा कराते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शिव अनादि हैं, उनकी सेवा से अभिष्ट फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसी खबरे सामने आती हैं कि तीर्थ यात्रा करने गए भक्तजनों की किसी एक्सीडेंट के कारण मौत हुई। जिसे लेकर बहुत से लोग भी प्रश्न करते हैं कि उन लोगों ने क्या बुरा किया था ? अब उनका क्या होगा? कहा कि शिव पुराण कहता है कि 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करते समय कहीं भी अगर जीव की मृत्यु हो जाती है, तो बाबा भोलेनाथ उसकी मुक्ति कर देते हैं उसका कल्याण कर देते हैं। देवकीनंदन महाराज ने कहा कि तीर्थों में किये पाप कहीं नहीं कटते हैं। इसलिये तीर्थों में पूरे निर्मल मन और श्रद्धा से जायें। उन्होनें कहा कि तीर्थ नगरियों में कहीं भी मांस मदिरा नहीं मिलने चाहिए। इस अवसर कथा के मुख्य यजमानों ने व्यासपीठ पूजन किया।

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