भाजपा के सरकारो मे प्रशासन और ठीकेदारों के कारण सबसे ज्यादा भाजपाई हो रहे प्रताड़ित

भाजपाइयों के खेत की मिट्टी निकाल बीच खेत मे बनाई जा रही मानक विहीन रोड़
किसानों ने खेत से निकाली मिट्टी से हुए नुकसान पर मुआबजा मांगा
नारीबारी,प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। किसी भी पार्टी की सरकार बनाने के पीछे उसके कार्यकर्ताओं की जी-तोड़ मेहनत होती है। पार्टी के विचारों उद्देश्यों और जीत के बाद लाभों को गावं के प्रत्येक सदस्यों तक पहुंचाकर तरह-तरह के उठते कड़वें सवालों के जबाव देकर मान-सम्मान की चिंता छोड़ केवल अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए जी तोड़ मेहनत करते है। तब जाकर कही सरकारे बननी है। उसके बाद भी सरकार के लाभों से वंचित रहे तब भी संतोष रहता है। लेकिन भाजपा की सरकार हो भाजपा के कार्यकर्ताओं का अनैतिक जमीनों पर कब्जे और शोषण हो शांत हो ऐसें प्रशासनिक अधिकारियों को क्या वर्दाश्त करेगा? सरकार के विकासवादी योजनाओं के ठीकेदारों द्धारा भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी के खेंत और खलिहान को जबरन ठीकेदार द्धारा जेसीवीं से खुदाई कर लोक निर्माण विभाग के द्वारा झंझरा पान्डेय से झंझरा चौबे तक सड़के बनाई जा रही। मनमाने ढंग से चकरोड़ के सड़कों को टेढ़ा मेंढ़ा कर रोड़ निर्माण करने से कई किसानों मे आक्रोश व्याप्त है। चकरोड़ से हटकर किसानों के ना रहने पर बीच खेत मे रोड़ का निर्माण किया जा रहा है। इतना ही नही खेतो मे जेसीबी लगाकर मिट्टी निकाल बड़े-बडे़ गढ्ढे बना दिए गए। कुछ जगहों पर मिट्टी के नाम पर खेतों मे पड़े गेहूं के जगटे(गेहूं के पेड़) उठाकर मिट्टी की जगह डालें गए। जिससे मार्गों मे दल-दल होने के साथ जल्द खराब होगे और जनता के पैसो की पुन: वर्वादी होगी, झंझरा चौबे के किसानों ने खेत से मिट्टी निकालने के हुए नुकसान के मुआबजे की मांग करते हुए मानक अनुसार सीधी चकरोड़ मे कार्य करने की गुहार शासन प्रशासन के उच्चाधिकारियों से लगाई है। साथ ही जो ठीकेदार द्धारा गूलर,आम, महुए के फलदार वृक्षों की कटाई की योजना बनाई जा रही है उस पर ग्रामीणों ने आक्रोश जाहिर किया है।यदि समय रहते उक्त विन्दुओं पर विचार नही किया गया तो ग्रामिणो के बीच विवाद का कारण हो सकता है।



