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मांडा सीएचसी में जमकर हो रही भ्रष्टाचारी

मांडा ,प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार) । सीएचसी मांडा में मरीज इलाज करवाने आते हैं तो उनको इंजेक्शन लगवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है गुरुवार को एक ऐसा ही ताजा मामला सामने आया है टिकापुर गांव निवासी जय कृष्ण मिश्रा गुरुवार की सुबह पेट में दर्द होने कारण इलाज कराने सीएचसी में आए जहाँ पर डॉक्टर सुरेश सोनकर ने तत्काल उनको देखा और एक इंजेक्शन व दवा लिखें लेकिन बड़ी बात तो यह थी कि मांडा सीएचसी में इंजेक्शन लगाने वाला ही कोई नहीं था और न ही इंजेक्शन था दवा तो लिख दिए डॉक्टर साहब घंटों मांडा सीएचसी में मरीज परेशान रहा कि कोई इंजेक्शन लगा दे लेकिन इंजेक्शन कौन लगाए आखिर मांडा सीएचसी तो राम भरोसे चल रहा है जब लगभग एक घंटे बाद मांडा सीएसची में मरीज तड़पता रहा लेकिन कोई देखने वाला नहीं था वही घंटों बाद मरीज अपोलो के डॉक्टर के पास पहुंचा तो इंजेक्शन लगा बड़ी बात तो सामने यह भी आ रही है कि योगी सरकार बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए बड़े बड़े दावा करती हैं लेकिन मांडा सीएचसी में योगी सरकार के सारे दावे फेल हो रहे हैं मांडा सीएचसी में तो दर्द का भी दवा इंजेक्शन नहीं है वह भी बाहर से लेना पड़ रहा है मरीजों को बता दें की मांडा सीएचसी अस्पताल में मरीजों को मुफ्त दवा मिलने के बजाय, बाहर की दुकानों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। डॉक्टरों द्वारा लिखी जा रही दवाइयों में से सस्ती गोलियां तो कभी जभी अस्पताल से उपलब्ध हो जाती है लेकिन महंगी दवाइयां बाहर की दुकानों से खरीदने के लिए बोल दिया जाता है ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों को मुफ्त दवा का कोई लाभ नहीं मिल रहा है
मांडा सीएचसी अस्पताल में सस्ता व बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आसपास के क्षेत्र से भारी मात्रा में मरीज रोजाना आते है, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी जेब पर डाका डाला जा रहा है। अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को महंगी व ऐसी दवाइयां लिखकर दे रहे हैं, जो अस्पताल के मुफ्त दवा सेंटर के बजाय बाहर की दुकानों पर मिलती हैं वह भी हर दुकानों पर नहीं मिलेगी बहुत ही कम दुकानों पर ही मिलेगी जब मरीज मुफ्त दवा सेंटर पर दवाइयां लेने के लिए जाते हैं तो उन्हें एक-दो गोलियां देकर जो महंगी दवाइयां होती हैं उन्हें बाहर से लेने के लिए कहते हैं। ऐसे में मरीजों को सस्ता इलाज मिलने के बजाय महंगा इलाज करवाना पड़ता है। मरीजों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है मरीजों का कहना है कि डॉक्टर जानबूझकर बाहर की दवाइयां लिखते है सायद सूत्रों की माने तो मरीजों को जिस दुकान पर भेजेंगे उनका कमीशन बनता होगा मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर संतोष कुमार पाण्डेय ने बताया कि जो दवाइयां लिखी जाती है हमारे यहां से सभी दवाइयां उपलब्ध है मरीजों को दी जाती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है किसी मरीजों को पुरी दवा नहीं मिल पाती

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