पार्षद के नाम का उल्लेख न करने के कारण सुलभ शौचालयों का उद्घाटन नहीं हुआ

महापौर ने पर्यावरण अभियंता को चेतावनी दी और सख्त हिदायत दी। इसकी पुनरावृत्ति न हो।

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। ‘नमामि गंगे योजना के तहत बने तीन सुलभ शौचालयों का उद्घाटन सोमवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता को करना था। लेकिन एक स्थान पर शिलापट पर क्षेत्रीय पार्षद की जगह अन्य पार्षद का नाम लिखे होने और दूसरी जगह शिलापट के मेज पर रखे जाने एवं उसमें पार्षद के नाम का उल्लेख न करने के कारण सुलभ शौचालयों का उद्घाटन नहीं हुआ। इसके लिए महापौर द्वारा पर्यावरण अभियंता को चेतावनी और सख्त हिदायत दी गई कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो।
सिर्फ नागवासुकि मंदिर के समीप बने सुलभ शौचालय का ही किया उद्घाटन। तुलसीपुर, दारागंज में नागवासुकि मंदिर के समीप और कचहरी परिसर में बने सुलभ शौचालयों का उद्घाटन महापौर द्वारा किया जाना था । लेकिन दोनों जगह निर्माण से इतर कामकाज में लापरवाही देखने को मिली। तुलसीपुर में शिलापट को मेज पर रखा गया था और उसमें पार्षद का नाम नहीं लिखा गया था। इसी तरह कचहरी परिसर में लगे शिलापट पर क्षेत्रीय पार्षद की जगह दूसरे पार्षद का नाम लिखा गया था। जिसकी वजह से दोनों सुलभ शौचालयों का उद्घाटन किए बगैर महापौर को वापस लौटना पड़ा। सिर्फ नागवासुकि मंदिर के समीप बने सुलभ शौचालय का ही उद्घाटन किया गया। महापौर अभिलाषा गुप्ता ने पर्यावरण अभियंता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा मालूम होता है कि उनके द्वारा उद्घाटन के पहले शिलापट को देखा नहीं गया था कि वह निर्धारित प्रारूप पर बना है अथवा नहीं। महापौर ने किसी काम के उद्घाटन कार्यक्रम के पहले शिलापट का अवलोकन के बाद ही अधिकारियों और स्थानीय लोगों को जानकारी देने के निर्देश पर्यावरण अभियंता को दिए।




