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बंधन फाउंडेशन एवं रानी रेवती देवी विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में गूगल मीट के माध्यम से वेबीनार का आयोजन

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज राजापुर प्रयागराज के संगीताचार्य मनोज गुप्ता की सूचनानुसार बंधन फाउंडेशन एवं रानी रेवती देवी विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में गूगल मीट के माध्यम से वेबीनार का आयोजन किया गया जिसका विषय था “महामारी की विषम परिस्थितियों में शिक्षा जगत पर क्या प्रभाव पड़ा” l यह फाउंडेशन विगत 6 वर्षों से समाज के विभिन्न मुद्दों पर कार्य कर रही है जिसमें मुख्य रुप से महिला सशक्तिकरण स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता प्रमुख है l इसी कड़ी में आज संपन्न हुए वेबीनार के मुख्य वक्ता विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बांके बिहारी पांडे जी रहे l वेबीनार की शुरुआत बंधन फाउंडेशन की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ स्वाति चौधरी ने किया इस वेबीनार में कोरोना के कारण अपनी शिक्षा में कठिनाई झेल रहे विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार की समस्याओं को साझा किया तो दूसरी तरफ ई लर्निंग के फायदों पर भी चर्चा हुई जिसमें मैत्री केसरवानी, वान्या रतन सहित कई छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। बांके बिहारी पांडे ने कहा की जब से कोरोना आया है तब से सभी विद्यालय , शिक्षक एवं छात्रों के लिए शिक्षा एक चुनौती बन गयी है , जो छात्र बड़ी कक्षा में है उनको तो मोबाइल या इ लर्निंग में कोई समस्या नहीं है , किन्तु जो छात्र छोटे छोटे हैं उनको तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है, कई छात्रों के पास इंटरनेट एवं मोबाइल की सुविधा ही नहीं उपलब्ध है, ऐसे में वह पढ़ाई नहीं कर पा रहे है , समस्या सिर्फ छात्रों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों को भी हो रही है , जो शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर पिछले कई वर्षो से पढ़ा रहा है उसे अचानक से तकनीक का उपयोग करने में असहजता महसूस हो रही है । आज विद्यालय में छात्रों की संख्या ५० प्रतिशत से भी कम रह गयी है , और जो छात्र विद्यालय आते भी हैं उनको भी कोरोना का प्रोटोकॉल पालन करवाने में कठिनायों होती है | उन्होंने इसके बाद विभिन्न छात्रों द्वारा किये गए प्रश्नो का उत्तर भी दिया l कार्यक्रम का समापन बंधन फाउंडेशन के अध्यक्ष उत्कर्ष तिवारी ने अपने सम्बोधन के साथ किया , जिसमे उन्होंने कहा की “एक तरफ तो कोरोना ने शिक्षा जगत में एक तकनीकी क्रांति लायी है,जहां विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय पढ़ाई का अवसर मिला तो वही दूसरी तरफ जिस उम्र में शिक्षा का आधार रखा जाता है, प्राइमरी से लेकर जूनियर तक के बच्चों को तकनीकी ज्ञान न होने का कारण उनकी शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है , जो माता पिता अपने बच्चो का प्रवेश ३ से ४ वर्ष में करवा देते थे , पिछले दो वर्षों में वो भी भय के कारण अभी तक उनकी पढ़ाई शुरू नहीं करवा रहे हैं l कई माँ बाप तो डरते हैं की कही उनके बच्चे इंटरनेट एवं मोबाइल का अनुचित उपयोग न शुरू कर दें जो की इस बदले दौर में बहुत गंभीर समस्या बनकर सामने आ रही है साथ ही साथ इंटरनेट और मोबाइल के अधिक उपयोग से बच्चो के सेहत पर और आँखों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहे हैं l इस वेबिनार में विद्यालय के छात्र- छात्राएं, शिक्षक अभिभावक एवं संस्था की प्रदेश सचिव सोनी लखमानी, श्रुति श्रीवास्तव, यश सिंह , प्रज्ज्वल वर्मा, अंजलि आदि शामिल हुए l

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