मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश में काशी के विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह ही मिर्ज़ापुर में विंध्याचल कॉरिडोर बनेगा

(सुमित पांडे अनुराग शुक्ला ) विंध्याचल, मिर्जापुर (अनुराग दर्शन समाचार )। हर दिन हज़ारों लोग मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने आते हैं. मान्यता है कि वाराणसी में विश्वनाथ महादेव की पूजा के बाद मिर्ज़ापुर में भगवती की पूजा बिना तीर्थ यात्रा अधूरी रहती है. अगले दो-तीन महीनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन कर सकते हैं।
*अमित शाह करेंगे कॉरिडोर का शिलान्यास।*
पहली जुलाई को देश के गृह मंत्री अमित शाह विंध्याचल कॉरिडोर का शिलान्यास करेंगे। अमित शाह यहां पूजा पाठ के लिए लगातार आते रहते हैं. उनके दौरे से पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मिर्ज़ापुर आकर काम काज का निरीक्षण किया था।
*काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह बनेगा विंध्याचल कॉरिडोर।*
विंध्याचल कॉरिडोर की एक्सक्लुसिव तस्वीरें मिली हैं, जिसमें मंदिर का शिखर दूर से ही दिखता है. मंदिर की सीढ़ियों पर खड़े होकर गंगा मैया का दर्शन भी संभव हो पाएगा। अभी हालत ये है कि मंदिर तक गाड़ी भी नहीं पहुंच पाती है. गोल गोल घूमते संकरी गलियों से विंध्याचल मंदिर के गेट तक जाना पड़ता है. मंदिर के चारों तरफ़ दुकानें और घर बने हुए हैं।
*काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह बनेगा विंध्याचल कॉरिडोर*
*800 मकान ख़रीदकर अधिग्रहीत की जाएगी ज़मीन*
योगी सरकार का इरादा विंध्याचल मंदिर को भव्य बनाने का है। मंदिर ऐसा हो कि लोग बस एकटक देखते रह जाएं. इसीलिए यहां कॉरिडोर बनाने का फ़ैसला हुआ है. पहले चरण में क़रीब डेढ़ सौ करोड़ रूपये का बजट रखा गया है. मिर्ज़ापुर के कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र बताते हैं कि कॉरिडोर पर काम शुरू हो गया है। क़रीब 800 मकान ख़रीदकर उसकी ज़मीन अधिग्रहीत की जाएगी. मेन रोड से लेकर मंदिर के गेट तक चालीस फुट चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। वे कहते हैं कि कॉरिडोर के लिए लोगों से उनका घर लेना बड़ा मुश्किल काम था, लेकिन मंदिर की भव्यता के लिए लोग ऐसा करने को राज़ी हो गए। वाराणसी का डीएम रहते हुए योगेश्वर मिश्र के समय में ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का काम शुरू हुआ था।
*काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह बनेगा विंध्याचल कॉरिडोर।*
विंध्यवासिनी देवी मंदिर के बारे में जानिए। हिंदू धर्म में विंध्यवासिनी देवी की बड़ी महिमा है। उनकी पूजा महिषासुर मर्दिनी के रूप में होती है. दुर्गा मां ने असुर महिषासुर का वध किया था। कहते हैं कि वनवास के दौरान भगवान राम ने भी यहां पूजा की थी। मिर्ज़ापुर में सीता कुंड, सीता रसोई और राम घाट भी हैं। वाराणसी से क़रीब 70 किलोमीटर दूर मिर्ज़ापुर में हर दिन हज़ारों श्रद्धालु विंध्यवासिनी माता के दर्शन को आते है। नवरात्रि में तो यहां मेला लगा रहता है। मथुरा, काशी, अयोध्या के बाद मिर्ज़ापुर हिंदुत्व का नया ठिकाना बन रहा है. ये तय है कि यूपी चुनाव में विंध्यवासिनी मैया का आशीर्वाद भी एक मुद्दा हो सकता है।



