फर्जी रोस्टर केस अपडेट: TTE टीटीई मामले में एक और बड़ा खुलासा, जानिए यहां

(अनुराग शुक्ला)प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। उत्तर मध्य रेलवे के फर्जी रोस्टर मामलों में आला अधिकारियों की सरपरस्ती में हुए कारनामों के क्रम में टीआईटी के फर्जीवाड़े का एक और केस सामने आया है।
जूनियर सीआईटी को दिया डिवीजन का प्रभार
शिकायतकर्ता ने की सीसीएम को हटाने की मांग
फर्जी रोस्टर मामले की जांच में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है, जिसमें रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन लेने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ के कुछ लोग इतने शातिर थे कि उन्होंने भविष्य में भी कभी पकड़े जाने से बचने के लिए अपना सीयूजी नंबर अपने उन साथियों को पकड़ा दिया जो ट्रेनों में ड्यूटी पर थे।
जिससे जालसाजी की कभी कोई जांच होने पर उनके सीयूजी की लोकेशन निकले तो वो साफ बच जाए, रेलवे ने जिन टिकट निरीक्षकों को राजस्व बढ़ोत्तरी और बिना टिकट यात्रा करने वालों को पकड़ कर उनसे जुर्माना वसूलने के लिए तैनात किया गया था।
वो टिकट निरीक्षक कोरोना काल स्टेशन के बाहर गरीब श्रमिकों को पकड़ पकड़कर गरीबों की जेब ढीली कराकर अपना लक्ष्य पूरा करने में जुटे रहे, नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर एक टिकट निरीक्षक ने बताया कि कोरोना काल में जिन टिकट निरीक्षकों को ट्रेन ड्यूटी पर लगाया गया था, वो टिकट निरीक्षक स्टेशनों के मेन गेट और रेलवे परिसरों में ही घूम घूमकर टारगेट पूरा करते रहे।
जूनियर को बनाया डिविजनल सीआईटी
सीसीएम एमएन ओझा की कार्यप्रणाली से पूरा महकमा परेशान है। प्रयागराज मंडल के सबसे जूनियर सीआईटी उत्तम श्रीवास्तव को डिविजनल सीआईटी का प्रभार दिया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मंडल में करीब 250 सीआईटी कार्यरत है । भ्रष्टाचार में सहयोग करने के एवज में उत्तम को वरिस्थो के ऊपर बिठाया गया। रोस्टर प्रकरण में डिवीजन की मॉनिटरिंग कर रहे सीआईटी उत्तम श्रीवास्तव की भूमिका अहम मानी जा रही है ।
CCM के दबाव में जांच हो रही प्रभावित
एनसीआर के सीसीएम एम एन ओझा के दबाव में जांच प्रभावित हो रही है। शिकायत कर्ता सन्तोष उपाध्याय ने रेल मंत्री को लिखे पत्र में सीसीएम ओझा को हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीसीएम के प्रभाव के चलते प्रयागराज जोन के अफसर जांच में हीलाहवाली कर रहे हैं। आरोप है कि प्रयागराज मंडल के सबसे जूनियर को डिवीजन का सीआईटी बनाया गया है। डिवीजन के उत्तम श्रीवास्तव मॉनिटरिंग करने की बजाय अन्य कर्मियों के साथ भ्रष्टाचार में लिप्त रहे।



