Latest

चेन पुलिंग पर गार्ड ही नहीं टीटीई भी लगाएंगे चाबी

( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। चेन पुलिंग कर ट्रेनों को रोकने का मामला रेलवे के लिए सिरदर्द है। इससे रेलवे को राजस्व का नुकसान तो होता ही है, ट्रेनों के पिटने से समयपालन और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो जाते हैं। एक बार चेन पुलिंग से 15 से 20 मिनट ट्रेन लेट हो जाती है। दोबारा एयरप्रेशर बनने में वक्त तो जाया होता है, अलग से खर्च बढ़ता है। चेन पुलिंग से ट्रेनों की लेटलतीफी पर रोक लगे और सुरक्षा के मद्​देनजर यात्रियों को परेशान न होना पड़े, इसके लिए रेलवे ने ट्रेनों में चलने वाले टीटीई की जिम्मेदारी बढ़ा दी है। चेन पुलिंग होने पर गार्ड बाबू या फिर ड्राइवर साहब का इंतजार होता था। उनके पास अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) की री-सेटिंग की चाबी होती थी। वह कोच में पहुंच चाबी का इस्तेमाल करते तो एयरप्रेशर लीकेज बंद होता था। फिर दोबारा एयरप्रेशर बनता था तो ट्रेन आगे बढ़ती थी। अब हालात जुदा हैं, रेलवे ने चेन पुलिंग के बाद की कवायद वाली एसीपी री सेटिंग चाबी को टीटीई को भी दे दी है। अब चेन पुलिंग पर गार्ड और ड्राइवर का इंतजार नहीं हो रहा। टीटीई तुरंत अपने पास मौजूद चाबी का इस्तेमाल कर एयरप्रेशर लीकेज रोक दे रहे और ट्रेनें तुरंत ही पटरी पर चलने लग रही हैं। रेलवे अफसरों के मुताबिक, टीटीई के अलावा मैकेनिकल स्टाफ को भी चाबी दी जा रही है ताकि चेन पुलिंग के बाद एलएचबी कोच के जो ज्यादा नजदीक हो और जल्दी पहुंच सके, वही चाबी का इस्तेमाल कर ले। प्रयागराज के अलावा आगरा और झांसी मंडल में भी यह इंतजाम हो गया है।

Related Articles

Back to top button