कुंडली मे कालसर्प दोष श्रावण मास में निवारण उत्तम समाधान

कुंडली में कालसर्प योग के बारें में भी ज्योतिष बेहद ध्यान देते हैं
( अनंत पांडेय ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज आचार्य त्रिभुवन नाथ शुक्ल ने बताया कालसर्प तब होता है ।जब राहु-केतु के मध्य सातों ग्रह हो। सरल शब्दों में जब जातक की कुंडली में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि राहु और केतु के बीच आ जाए तब ‘कालसर्प योग’ निर्मित होता है। प्रतियोगी छात्र छात्राओं को अत्यधिक असफलता देता है। कालसर्प दोष निवारण से सफलता जरूर प्राप्त होगी
काल सर्प दोष के लक्षण : इस दोष की वजह से संतान उत्पत्ति में #बाधा, #निराशा, शिक्षा, #असफलता आदि का सामना करना पड़ता है।
आचार्य त्रिभुवन नाथ शुक्ल
ने कहा काल सर्प योग से बचने के उपाय काल सर्प योग से निवारण हेतु सबसे बेहतर उपाय नागों की पूजा और नाग पंचमी के दिन दान और सांप को दूध पिलाना बताया गया है। साथ ही चन्द्र ग्रहण के दिन बहते जल में चांदी के सर्पों को बहाने से भी काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही इस बार सावन माह में एक बार पूर्ण निवारण करा लें |


