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फर्जी रोस्टर मामला : सीसीएम को बचाने के लिए निलंबित कर्मी ने वरिष्ठ अधिकारी पर लगाएं झूठे आरोप

सीसीएम को बचाने के लिए निलंबित कर्मी ने वरिष्ठ अधिकारी पर लगाएं झूठे आरोप
4 साल से एनसीआर में तैनात है सीसीएम
सीसीएम के दबाव में जांच हो रही हैं प्रभावित

( अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) । उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन में रोस्टर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जोन के मुख्य वाणिज्य अधिकारी को बचाने के लिए अफसरों का एक धड़ा अन्य अधिकारी के खिलाफ आरोप मढ़ रहे हैं।

विजिलेंस विभाग मामले की जांच कर रहा है। सीसीएम चार साल से जोन में जमे हैं। यही कारण है कि एनसीआर के तीनों मंडलों में भ्रष्टाचार चरम पर है। रोस्टर प्रकरण में दो कर्मियों को चार्जसीट थमा दी गई है।

चार साल से जमे हैं एनसीआर में

सीसीएम एम एन ओझा पिछले चार साल से एनसीआर में जमे हैं। तीनों मंडलों में शिकायत के बाद जांच शुरू हुई तो, रोस्टर फर्जीवाड़ा सामने आया। सूत्रों ने बताया कि अगर सीसीएम और सीआईटी रोस्टर की सीडीआर की जांच हो तो कई और तथ्यों का खुलासा होगा।

सीसीएम के इशारे पर हो रही राजनीति

मण्डल के मुख्यालय प्रयागराज में तैनात सी0 आई0 टी0 रोस्टर एस0के0 पाण्डेय पिछले दो वर्षों से रोस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर कराकर लगभग दो सौ टी0 टी0 ई0 को घर बैठाकर वेतन दिलवा रहे थे। इस बात की एक शिकायत दिनांक 20.04.2021 को मण्डल रेल प्रबन्धक को की गई। डी0आर0एम0 ने उक्त शिकायत को वाणिज्य विभाग में वरिष्ठ वाणिज्य प्रबन्धक द्वितीय को भेज दिया।

अपने ही बयान में फंसे डीसीएम – 2

सी0सी0एम0 के दबाव में वरिष्ठ वाणिज्य प्रबन्धक द्वितीय ने उसको मार्क करके सहायक वाणिज्य प्रबन्धक पंकज त्रिपाठी के पास जाँच के लिए भेज दिया। पंकज त्रिपाठी ने सी0सी0एम0 के दबाव में उस शिकायत को सी0आई0टी0 रोस्टर एस0के0 पाण्डेय को पढ़ाने के बाद अपने चहेते पीसी0आई0 शंभू कुमार को जांच हेतु सौंप दिया। शंभू कुमार जांच को प्रभावित करने के लिए उसको विलम्बित करते रहे। आज तक उन्होंने जांच पूरी नहीं किया न ही सही तरीके से जांच की। शंभू कुमार को सबसे पहले शिकायतकर्ता का बयान लेना चाहिए था। जिसे शंभू कुमार ने आज तक नहीं लिया ।

समाचार पत्रों में झूठा बयान सी0आई0टी0 एस0के0 पाण्डेय द्वारा दिया गया कि शिकायत वापस ले ली गई है। जब पूरा प्रकरण विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ जिससे रेल विभाग की छति प्रभावित हुई तथा वरिष्ट वाणिज्य प्रबन्धक द्वितीय तथा सी0सी0एम0 के दबाव में कोई कार्यवाही न करने के कारण, वरिष्ट वाणिज्य प्रबन्धक प्रथम ने रेल विभाग की छवि बचाने हेतु मण्डल रेल प्रबन्धक के अनुमोदन से सी0आई0टी0 रोस्टर एस0के पाण्डेय को हटाया तथा निलम्बित किया।

जिस दिन एस0के0 पाण्डेय को हटाया गया उस दिन डीसीएम 2 ने सभी समाचार पत्रों में बयान दिया था कि सी0आई0टी0 रोस्टर को उनके पद से मैंने तत्काल प्रभाव से हटा दिया। उसके अगले दिन समाचार पत्रों में डीसीएम 2 के हवाले से यह खबर प्रकाशित हुई की सीआईटी रोस्टर को निलंबित कर दिया गया।

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