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ड्यूटी को लेकर रोज हो रही नोंकझोंक

प्रयागराज एक्सप्रेस में ड्यूटी चेंजिंग को लेकर टीटीई में बहस

डिवीजन सीआईटी ड्यूटी को लेकर बनाता हैं प्रेशर

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। उत्तर मध्य रेलवे विभाग की खामियां रोज नए-नए रूप में उजागर हो रही हैं। जहां विजिलेंस और खुफिया विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है । वही ड्यूटी चेंज करने को लेकर सीआईटी रोस्टर से आए दिन टीटीई की नोकझोंक हो रही है। नोकझोंक इतना बढ़ जाता है जब तक उच्च अधिकारी हस्तक्षेप न करें। टीटीई को मनाया जाता है । सोमवार को प्रयागराज एक्सप्रेस में ड्यूटी को लेकर दो सीआईटी रोस्टर सीआईटी से भिड़ गए। डिवीजनल सीआईटी रोस्टर की मिलीभगत से रोज नए मामले आ रहे है। डीसीएम की नाक के नीचे चल रहे फर्जीवाड़े पर किसी की नजर नही है।

*एस के सिंह ने ज्वाइन किया*

जानकारी के मुताबिक खुरदा रोड के डीआरएम एस के सिंह ने सोमवार को एनसीआर के मुख्यालय में अपनी ज्वाइनिंग दी है। सूत्रों ने बताया कि श्री सिंह को सीसीएम बनाकर यहां भेजा गया है। हालांकि अभी तक सीसीएम एम एन ओझा का ट्रांसफर आर्डर जारी नही हुआ है। सूत्रों का दावा है कि श्री ओझा का तबादला अन्यंत्र जगह पर हो गया है। लेकिन बोर्ड से इस संबंध में कोई आदेश एनसीआर मुख्यालय में नही आया है।

*लीव ड्यूटी को लेकर हो रही बहस*

लामबंद कर्मचारी ड्यूटी पर लीव को लेकर आए दिन झगड़ा करते रहते हैं। 2 दिन ड्यूटी करने के बाद तीसरे दिन ड्यूटी इन हो जाती है। वही रोस्टर सीआईटी द्वारा ड्यूटी आउट लगा दिया जाता है । जिस पर रेलवे कर्मचारियों द्वारा विवाद उठने लगता है। इसी को लेकर विवाद उत्पन्न हो रहा है। जिस पर पूरा कमांड डिविजनल सीआईटी उत्तम का है। डिवीजन के सीआईटी टीटीई से मिलकर भ्रष्टाचार करने को बढ़ावा दे रहे हैं। डिविजनल सीआईटी उत्तम श्रीवास्तव के कारनामे नए-नए भ्रष्टाचार के गुल खिला रहे हैं । इनके द्वारा लगातार रोस्टर प्रणाली पर हस्तक्षेप करना खुद ही भ्रष्टाचार को उजागर करता है। जबकि उत्तम को प्रयागराज से 300 किलोमीटर दूर ड्यूटी करने करने की रेल प्रशासन ने आदेश दिया है। भ्रष्टाचार को अमलीजामा पहना रहे हैं जिससे जूनियर सीनियर के ऊपर राजनीत कर सीनियर अधिकारियों के चम्मच गिरी कर रहे हैं । जिसके कारण रेल प्रशासन से लेकर उच्च अधिकारी तक भ्रष्टाचार की ओर उंगली उठाई जा रही है । वही शिकायतकर्ता द्वारा यह भी बताया गया बहुत ही जल्द इस मामले को प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के माध्यम से सीबीआई को सौंप कर मामला की जांच कराने की मांग की है ।लगातार शिकायतकर्ता और कुछ अखबार के मालिकों के ऊपर यह दबाव बनाया जा रहा है।

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