मिलावटी पदार्थों का उपयोग बड़ी बीमारियों का कारण : सतीश राय

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)| बदलते मौसम में कमजोर इम्यूनिटी वाले या ज्यादा उम्र के लोगों में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी जैसी आम बीमारियों की समस्या अक्सर उत्पन्न होती है। जिसका कारण मिलावटी पदार्थों का उपयोग है। जिसे रोकने के लिए हम अपने खान पान में बदलाव कर तथा स्पर्श-ध्यान, प्राणायाम और प्राकृतिक तरीके को अपनाकर बच सकते हैं।
एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण और प्राकृतिक संस्थान पर जाने-माने रेकी ग्रैंड मास्टर सतीश राय ने कहा कि भारत में ज्यादा जनसंख्या के अनुसार चिकित्सा की सुविधाएं बहुत कम है। ऐसे में हमें स्वस्थ रहने एवं असाध्य बीमारियों से बचे रहने का उपाय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप स्वस्थ रहने के बहुत सारे उपाय कर रहे हैं लेकिन खान-पान यदि शुद्ध न होकर मिलावटी है, या अनजाने में ही बाजार में उपलब्ध मिलावटी पदार्थों को शुद्ध समझ कर उपयोग कर रहे हैं तो आप नित्य नई बीमारियों से घिरे रहेंगे।
सतीश राय ने कहा कि जैसे सरकार ने सरसों के तेल में पॉम आयल व राइस ब्रान तेल को मिलाने पर प्रतिबंध लगाया है, वैसे ही अन्य सभी मिलावटी वाले उत्पादन पर बैन लगाए। उन्होंने कहा कि मिलावटी उत्पादों में जो सबसे ज्यादा शरीर को नुकसान करता है वह है मिलावटी दुग्ध उत्पाद। जो शरीर में जाकर लम्बे समय बाद असाध्य रोगों को जन्म देता है। यदि आपने बचपन से 40 से 45 वर्ष तक मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन कर लिया है और बाद में आप शुद्ध भोजन खा रहे हैं तब भी बीमारियों से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि शुद्ध खाद पदार्थ के लिए हमें जागरूक होना होगा।



