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इस रात में अल्लाह का अपने बंदों पर खास करम होता है

इलाहाबाद। शबे कद्र इन्तेहाई बरकत वाली रात है इसको लैलतूल कद्र भी कहते हैं। इस रात इबादत करने वालों पर एक हजार महीने यानी 83 साल 4 महीने से भी ज्यादा की इबादत का सवाब अदा किया जाता है।

इस रात में जिबराइल अलैहिस सलाम तमाम फरिश्तों को अपने साथ दुनिया में तशरीफ़ लाते हैं। शबे कद्र में इबादत करने वालों से मुसाफा करते हैं इस मुबारक शब-ए-कद्र का हर लम्हा सलामती भरा है। इस रात में अल्लाह का अपने बंदों पर खास करम होता है।

पैगम्बरे इस्लाम सल्ललाहो तआला अलैहे वसल्लम ने फरमाया की शबे कद्र को रमजान के आखरी अशरे 21 वी, 23 वी, 25 वी,27 वी 29 वी रातों में तलाश करो। इस रात में बंधुओं को चाहिए कि अल्लाह की बारगाह में तौबा, अस्तपफार, दरूद शरीफ,तसबीह के जरिए अपने मगफिरत का सवाल करें।

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