यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम और गंगा के मैदानी क्षेत्र में पानी फैलने लगा

तीर्थ पुरोहित लगातार पीछे हट रहे हैं
(अनन्त पांडेय) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। यमुना ने फिर गंगा किनारे रहने वालों की चिंता बढ़ा दी है। गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है लेकिन यमुना उफान पर हैं। नैनी में यमुना का जलस्तर आठ सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था। गंगा ने शाम को दो सेमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ी। अब शहरी आबादी की तरफ गंगा बढ़ रही हैं। यमुना के प्रवाह क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में लगातार बारिश का असर प्रयागराज में दिखाई पड़ने लगा है। गंगा का जलस्तर दोपहर 12 बजे के बाद दो सेमी प्रति घंटा बढ़ने लगा। यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम और गंगा के मैदानी क्षेत्र में अब पानी फैलने लगा है। तीर्थ पुरोहित लगातार पीछे हट रहे हैं। गंगा किनारे रहने वालों का दावा है कि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो सोमवार तक संगम क्षेत्र लबालब हो सकता है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि गंगा-यमुना का जलस्तर कुछ दिन तक बढ़ेगा। कानपुर बैराज से लगातार एक लाख 90 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में बारिश का पानी भी यमुना के साथ निरंतर प्रयागराज आ रहा है। मध्यप्रदेश की पहाड़ियों से निकली टोंस का जलस्तर पांच मीटर तक बढ़ने से संगम के प्रवाह में अवरोध हो रहा है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ते रहने और टोंस के अवरोध से गंगा के मैदानी क्षेत्र में पानी फैलना तय है।




