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बिना लक्ष्य का तप भौतिक संपदा दे सकता है पर आत्मिक संपदा नहीं दे सकता

( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज दिगंबर जैन पंचायती सभा प्रयाग के तत्वाधान में दसलक्षण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म की पूजा की गयी। प्रात: भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं दसलक्षण विधान का आयोजन पंडित सुनील जैन के निर्देशन में किया गया।
शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में सुगंध दशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर अष्ट कर्मों के नाश के लिए जैन समाज के लोगो ने अग्नि में धूप डाल कर विश्व शांति की कामना की। इस दौरान महिलाओं ने निर्जला व एकासन व्रत रखकर कथा का वाचन कर पूजा पाठ किया।
पंडित सुनील जैन ने बताया कि बिना लक्ष्य का तप भौतिक संपदा दे सकता है पर आत्मिक संपदा नहीं दे सकता। जिस प्रकार सोना खूब तपने के बाद ही खरा सोना बनता है उसी तरह हम अपने जीवन में श्रद्धा के साथ तप, ध्यान, मंत्र जप, सामयिक, प्रतिक्रमण, भावना, शास्त्र अध्ययन, भगवान का पूजन प्रक्षाल करते हुए दूसरों की सेवा दान इत्यादि तप कर अपने जीवन की सार्थकता को सिद्ध कर सकते हैं। उत्तम तप धर्म घमंड को दूर करके व्यक्ति को विनम्र बनाता है। शाम में सामूहिक आरती, पंडित सुनील जैन का शास्त्र प्रवचन एवं आरती थाल सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमे महिलाओ एवं बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। उत्कृष्ट थालियो को प्रथम, दिव्तीय एवं तृतयी पुरस्कार श्रीमती विभा जैन की ओर से दिये गये।कल दिन शुक्रवार को उत्तम त्याग धर्म की आराधना की जायेगी।

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