सहनशीलता के प्रति मुहूर्त हैं भगवान श्री राम- स्वामी महेशाश्रम जी

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। श्री नागेश्वर महादेव मंदिर श्री दंडी स्वामी आश्रम अरेल प्रयागराज में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम जी महाराज की कृपा पात्र शिष्या ममता सिंह जी नैनी के द्वारा कराया गया भगवान नागेश्वर का भव्य श्रृंगार छठे दिन के कथा में महाराज श्री ने भगवान श्रीराम का विवेचना करते हुए बताया मनुष्य को जीवन में सभी प्रकार से प्रसन्नता प्राप्त होने के बाद मनुष्य प्रमादि हो जाता है ईश्वर का चिंतन छोड़ स्वयं के इच्छा के अनुरूप कर्म करना शुरू करता है यही मनुष्य के लिए विपत्ति का कारण है ।महारानी कैकेई जो श्री राम को अत्यधिक प्रेम करती थी । मंत्रा रूपी धर्म विमुख निहित स्वार्थी नारी के कुचक्र में फंस कर प्राणों से ज्यादा प्रेमी श्री राम को बन जाने पर मजबूर किया इस प्रसंग से हम सबको चैतन्य रहते हुए अपने परिवार को विघ्न से बचाने के लिए ऐसे घर फोड़ने वाले नारी पुरुषों से सावधान रहना चाहिए ।
कथा में उपस्थित स्वामी रामा आश्रम साईं बाबा चंद्र देव जी महाराज एवं संत महात्मा अचार ज्ञानेश्वर धनंजय स्वरूप ब्रह्मचारी आचार्य ज्ञानेश रोली शास्त्री दिनेश मिश्रा जी लखनऊ शारदा मिश्रा बाराबंकी ममता सिंह नैनी इत्यादि सैकड़ों भक्तों ने कथा का आनंद लिया।



