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UP :आतंकी के कोडवर्ड्स- खजूर तैयार है गोदाम में रखा है: पैगाम मिलते ही डिलेवरी होगी

खजूर यानी विस्फोटक गोदाम में उसे रखने की बात कही गई थी और इसका इस्तेमाल तभी किया जाता, जब आदेश दिया जाता।

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस(आइएसआइ) व अंडरवर्ल्‍ड से जुड़े आतंकियों तक पहुंचने के लिए स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियां को बड़ी मशक्कत

करनी पड़ी। ए टी एस ने चार फोन नंबरों को ने ट्रेस किया तो इस पर एक ही बात सामने आई। बातचीत में सिर्फ तीन लाइन की ही बात की। ‘खजूर तैयार है। गोदाम में रखा है। पैगाम मिलते ही डिलेवरी होगी।

खुफिया एजेंसी और स्‍पेशल सेल को आतंकियों का मोबाइल नंबर मिला

खुफिया एजेंसी और स्पेशल सेल को 10 सितंबर को जानकारी हुई थी कि कुछ आतंकी बड़े धमाके के फिराक में हैं। इसमें अबू बकर, ओसामा, जान मोहम्मद, आमिर का नाम सामने आया। सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसी को अबूबकर और ओसामा जिन मोबाइल नंबर से बातचीत करते थे, वह मिल गया। इन दोनों नंबरों को ट्रेस किया गया।

दोनों में जो बातचीत हुई वह सिर्फ इतनी थी कि खजूर तैयार है, गोदाम में रखा है, पैगाम मिलते ही डिलेवरी होगी।

इन दोनों की जान मोहम्मद और आमिर के नंबर पर भी यही बात हुई।जिसके बाद 13 सितंबर को इन लोगों ने मूलचंद्र उर्फ लाला और इसी दिन प्रयागराज के करेली में रहने वाले जीशान से जब वार्ता की तो यही बात दोहराई गई। इसके बाद साफ हो गया कि इन्हीं चंद लाइनों में सब कुछ छिपा है।

स्पेशल सेल ने इन आतंकियों को ट्रेस किया और फिर गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक जब इन सभी से इन तीन शब्दों के बारे में जानकारी ली गई तो बताया गया कि खजूर यानी विस्फोटक था। गोदाम में उसे रखने की बात कही गई थी और इसका इस्तेमाल तभी किया जाता, जब आदेश दिया जाता। जिसको लेकर खुफिया तंत्र सक्रिय हो गई और तह तक जाने के लिए कई नंबरों को खंगालने का काम कर रही है । तो वही जीशान से मिलने जुलने वाले के बारे में जानकारी किया जा रहा है।

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