
इलाहाबाद। क्या कोई इंसान 4 रुपए में महीने भर घर का खर्च चला सकता है. नहीं न, लेकिन यूपी के हरदोई जिले का एक किसान ऐसा करता है. यहां चंद्रिका नाम के किसान के पास मौजूद आय प्रमाण पत्र के मुताबिक उसके परिवार की मासिक आय 4 रुपए और सालाना आय 48 रुपए है.
संडीला इलाके के अल्लीपुर गांव के रहने वाले चंद्रिका ने बैंक से लोन लेने के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने को 13 जून को ऑनलाइन आवेदन किया था. जांच के बाद आय प्रमाण पत्र भी बन गया, लेकिन इनकम सर्टिफिकेट में हर महीने आय 4 रुपए और सलाना आय 48 रुपए का आय प्रमाण पत्र बना दिया गया. बहरहाल मामले के सामने आने से प्रशासनिक अधिकारियों की कार्य शैली की पोल खुल गई है.
बता दें कि अलीपुर मोहल्ले के रहने वाले चंद्रिका खेती करते हैं. बैंक से कर्ज लेने के लिए उन्होंने आय प्रमाण पत्र बनवाने को 13 जून को ऑनलाइन आवेदन किया था. बारह दिनों के बाद उनका आय प्रमाण पत्र भी बन गया. जिस पर तहसीलदार पंकज सक्सेना के दस्तखत भी हैं, लेकिन आय सुनकर वे चौंक गए. अधिकारियों ने किसान चंद्रिका के नाम उसकी एक महीने की आय 4 रुपए होने का आय प्रमाण पत्र बना दिया. सवाल यह है कि आज के इस दौर में किसी किसान की आय क्या चार रुपए हो सकती है?

आय प्रमाण पत्र
आपको बता दें कि हरदोई जिला प्रशासन के अधिकारी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ के हरदोई दौरे से पहले सीएम योगी के कार्यक्रम को शहर के विवादित होटल में आयोजित कर दिया गया था. मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में कार्यक्रम की जगह की बदल दी.
बताया जाता है कि होटल की पूरी बिल्डिंग अवैध है. वहीं 2 जून को सीएम योगी का भाषण प्रेक्षागृह में चल रहा था. उसी दौरान उसके छत की सीलिंग टूट कर क्षतिग्रस्त हो गई, जिसे देखकर मुख्यमंत्री काफी नाराज हुए थे. लेकिन लापरवाह अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
जिला प्रशासन के इस रवैए के खिलाफ कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आशीष सिंह ने कहा कि अलीपुर के रहने वाले चंद्रिका की घटना पहली नहीं है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने किसान के साथ भद्दा मजाक किया है. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जिले में लेखपाल से लेकर कानूनगो तक एक कमरे में बैठकर रिपोर्ट लगा देते हैं.
कभी मौके पर जाकर जांच करना मुनासिब नहीं समझते. उन्होंने कहा कि राम भरोसे यहां की व्यवस्था चल रही है. सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश देकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
हरदोई के एडीएम विमल अग्रवाल ने कहा कि आपके माध्यम से मेरे पास जानकारी आई है. उन्होंने कहा, हो सकता है यह आय प्रमाम पत्र फर्जी हो, क्योंकि कई इनकम सर्टिफिकेट पहले फर्जी पाए जा चुके हैं. इस पूरे मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं. अगर आय प्रमाण पत्र असली हुआ तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.


