बजरंग दल के कार्यकर्ता के घर से मिले ट्रांसमीटर और सिम युक्त बल्ब होल्डर बोर्ड नुमा डिवाइस

पुलिस और खुफिया एजेंसियां गहराई से छानबीन में जुटी हैं
यह डिवाइस किसी साजिश के तहत आतंकी गतिविधि का हिस्सा तो नही ?
कौशांबी (अनुराग दर्शन समाचार )। कोखराज इलाके के नगर पालिका भरवारी में बजरंग दल के कार्यकर्ता के घर से मिले ट्रांसमीटर और सिम युक्त बल्ब होल्डर बोर्ड नुमा डिवाइस मिलने के बाद से पुलिस और खुफिया एजेंसियां गहराई से छानबीन में जुटी हैं। पुलिस अधिकारी भी मान रहे हैं कि यह डिवाइस किसी साजिश के तहत तैयार कर उस घर में पहुंचाई गई थी। यह सब कुछ किसी आतंकी गतिविधि का भी हिस्सा हो सकता है। एसपी के आदेश पर तीन टीम पूरे प्रकरण की जांच कर रही हैं। एसओजी कौशांबी भी होल्डर बेचने आए शातिरों की तलाश में प्रयागराज पहुंच गई है। उन लोगों के पकड़ में आने के बाद ही पर्दाफाश हो सकेगा कि आखिरकार बल्ड होल्डर बोर्ड के आकार के इस डिवाइस को तैयार करने के पीछे साजिश क्या थी।भरवारी कस्बे के गौरा रोड निवासी बृजेश केसरवानी खाद के कारोबारी हैं। उनका बेटा अनिकेत बजरंग दल का कार्यकर्ता है। बृजेश का कहना है कि सप्ताह भर पहले दो युवक आए और एक कंपनी का एलीडी बल्ब 10-10 रुपये में बेचने की बात करने लगे। कस्बे में उन्होंने कई जगह बल्ब बेचा। बृजेश को युवकों ने लकी ड्रा में बल्ब के साथ होल्डर बाक्स भी दिया। दो दिन पहले होल्डर बाक्स खराब हो गया। उसकी मरम्मत के लिए बृजेश कई इलेक्ट्रीशियन के पास लेकर गए, लेकिन उन्होंने मरम्मत से इन्कार कर दिया। साथ यह भी बताया कि इस बल्ब होल्डर बाक्स में ट्रांसमीटर, आइसी व मोबाइल का सिमकार्ड लगा हुआ है। यह डिवाइस किसी आतंकी साजिश का जरिया हो सकती है। यह सुनकर बृजेश के होश उड़ गए। मंगलवार को उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।इस संदिग्ध डिवाइस के बारे में जानकारी मिलते ही कोखराज इंस्पेक्टर समेत एसओजी व सर्विलांस टीम भी जांच करने पहुंच गई। पुलिस अफसरों का मानना है कि होल्डर बाक्स में जो भी पार्ट्स लगे हैं, वे वाइफाइ ट्रैकर से जुड़े हुए हैं। बृजेश ने होल्डर बेचने वाले युवकों में एक शख्स का मोबाइल नंबर भी पुलिस को बताया। ट्रू कालर में वह मोबाइल नंबर राजपूत नाम से बता रहा है जबकि शातिर ने अपना नाम हैदर बताया था। मामला आतंकी गतिविधियों से जुड़ा नजर आने पर एसपी ने एसओजी समेत तीन टीम को इस जांच के लिए लगा दिया है। इतना ही नहीं, शातिर ने जो मोबाइल नंबर बृजेश केसरवानी को दिया था, उसे ट्रेस किया गया तो वह प्रयागराज का निकला। ऐसे में एसओजी उसकी तलाश में प्रयागराज भी पहुंच गई है। वहीं डिवाइस को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। लोग यह भी कह रहे हैं कि डिवाइस हिंदू संगठन के कार्यकर्ता के यहां डिवाइस बरामद हुई जिनके यहां सुबह-शाम हिंदू संगठन के पदाधिकारियों बैठक होती रहती है। बगल में ही विश्व हिंदू परिषद के जिला संगठन मंत्री का भी घर है। ऐसे में इस डिवाइस के जरिए इन कार्यकर्ताओं की गतिविधियों को ट्रेस कर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की प्लानिंग तो नहीं की जा रही थी।
डिवाइस में आइसी व कमांड के अलावा ट्रांसमिशन भी लगा हुआ है। इसके उपकरण को देखने से साफ लग रहा है कि डिवाइस में वाइफाइ सिस्टम है, जिसका कवरेज एरिया सौ मीटर तक का है। टूजी सिम कार्ड व ट्रांसमिशन के जरिए लोगों की वाइस यानी आवाज और एरिया को ट्रेस इससे किया जा सकता है। जिसने भी यह डिवाइस तैयार की है, उसकी मंशा आपराधिक प्रवृत्ति की हो सकती है।
एके त्रिपाठी, एसडीओ, बीएसएनएल, कौशांबी
खाद कारोबारी के घर से मिली डिवाइस की जांच कराई जा रही है। एसओजी व सर्विलांस टीम के अलावा डिवाइस की जानकारी के लिए एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। साथ ही बल्ब व होल्डर बेचने वाले युवकों की भी तलाश की जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा….
– *राधेश्याम, पुलिस अधीक्षक कौशांबी।।।*



