ओम नमः शिवाय का समाज में उल्लेखनीय योगदान: अभय पाण्डेय

देश-विदेश एवं उत्तर प्रदेश में तीर्थराज प्रयाग का नाम रोशन किया कहा-माघ मेला, अर्ध कुंभ, कुंभ मेला, कोविड और बाढ़ के दौरान करते हैं लाखों लोगों की मदद
प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार )। ओम नमः शिवाय के संस्थापक गुरूदेव ने प्रयागराज ही नहीं उत्तर प्रदेश और देश-विदेश में भी तीर्थराज प्रयाग का नाम रोशन किया है। संस्था ने मानव सेवा और समाज सेवा में एक नई दिशा देते हुए समाज को नई प्रेरणा दी है। लोगों को निःस्वार्थ भाव से आगे आकर समाज सेवा करनी चाहिए। मानव सेवा करके मानवता का जो संदेश संस्था और गुरुदेव दे रहे हैं वह आने वाले समय के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
यह बातें राष्ट्रीय सनातन सेना के मुख्य संरक्षक अभय नारायण पांडेय ने समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ओम नमः शिवाय संस्था के गुरुदेव के सम्मान समारोह में कही। गुरुवार को बलुआघाट स्थित आश्रम में गुरुदेव को 51 किलो की माला पहनाकर अंगवस्त्रम और सम्मान पत्र दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान जब लोग घरों से नहीं निकल रहे थे। एक-एक दाने के लिए मोहताज थे, सभी को खाना और घर-घर खाने की व्यवस्था, चौराहों पर खाने की व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, जंक्शन और बस अड्डे पर ओम नमः शिवाय संस्था की ओर से खाने की व्यापक स्तर पर व्यवस्था थी। पाण्डेय ने कहा कि इतना ही नहीं प्रयागराज, कानपुर लखनऊ और अयोध्या में दिन-रात लाखों लोगों को खाने की सुविधा उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि यह संस्था और इसके प्रेरणास्रोत गुरुदेव हमें और समाज को यह सीख देते हैं कि हर स्थिति और परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए पीडि़त और प्रभावित लोगों की मदद करनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व अपर आयुक्त कृष्ण चन्द्रा ने कहा कि समाज सेवा सबसे बड़ी मानव सेवा है। ऐसे में लोगों को पीडि़त और प्रभावितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। पूर्व अपर आयुक्त जितेंद्र कुमार, हरिश्याम मानव कल्याण शिक्षा एवं शोध संस्थान के सचिव राजीव कुमार मिश्रा, एक्टर एवं फैशन डिजाइनर मनु पुरवार, कर्मचारी नेता सुनील पांडे, शिक्षक नेता राम अवतार गुप्ता सहित अन्य प्रमुख लोगों ने सम्बोधित किया। संचालन राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने करते हुए कहा कि वह मानव और उसकी सेवा के लिए दिन-रात तत्पर रहते हैं। जिस तरह से ओम नमः शिवाय संस्था माघ मेला, अर्धकुंभ और कुंभ मेले के दौरान लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की सेवा करती है उससे समाज में दूर तक मानवता का संदेश जाता है। ऐसे में समाज के लोगों को भी आगे आना चाहिए। ओम नमः शिवाय के गुरुदेव ने सभी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जो भी जितना भी हो सकता है वह स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के साथ मिलकर सभी की हर वक्त मदद करते हैं। कहा कि चाहे माघ मेला हो या अर्द्ध कुंभ मेला हो, कुंभ मेला हो कोविड-19 या बाढ रही हो ऐसे में सभी लोगों की पूरी तरह से मदद की गई। जिससे किसी को खाने के लिए कोई परेशानी ना होने पाए। गुरुदेव ने कहा कि हजारों स्वयंसेवक प्रयागराज, कानपुर लखनऊ और अयोध्या में दिन-रात लोगों की मदद करते रहे। मेरी पूरी कोशिश रहती है कि किसी को खाने के लिए कोई परेशानी ना हो। क्योंकि अगर आदमी भूखे पेट सोता है तो ईश्वर को बहुत कष्ट होता है। उन्होंने समाज के लोगों का आह्वान किया कि वह अपने आसपास रहने वाले गरीब वर्ग के खाने से लेकर जो भी हो सके हर स्थिति और परिस्थिति में करनी चाहिए।




