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कालाडांडा कब्रिस्तान में कब्रों की तदफीन कब्र खोदने और दफनाने वालाखुद ही सुपुर्द-ए-खाक हो गया

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। जिले के करेली थाना क्षेत्र के काला डांडा कबरिस्तान करेली के कब्र खोदने वाले कल्लू के लड़के गूंगा, दो दिन पहले बिहोश हो गया था कब्र खोदते वक्त, सही इलाज आक्सीजन न मिलने से सोमवार की शाम उसकी मौत हो गई । जहा बचपन से खोदता ता कब्र उसी कब्रिस्तान में सोमवार रात को उसका जनाजा उसी दफनाया गया।
कोरोना महामारी के ऐसे समय में अब उन लोगों पर भी गाज गिरने लगी है जो जान गंवाने वालों को दफना रहे हैं। कब्रिस्तानों में इतने जनाजे आ रहे हैं कि कब्र खोदने वालों की हालत खराब हो रही है। जनाजे इतने ज्यादा की कब्र खोदने वाले कम पड़ गए है । ऐसा में लेबर बुलाकर कब्र खुदवाई जा रही है। एक मामला प्रयागराज में सामने आया है। सोमवार रात को करेली कालाडांडा कब्रिस्तान में
जब कब्रों की तदफीन ‘कब्र खोदने और दफनाने वाला श्रमिक कराने वाला खुद ही सुपुर्द-ए-खाक हो गया। करेली के काला डांडा कब्रिस्तान में कब्र खोड्डे कल्लू नाम का एक कब्र खोड्डे रहता है। इसका 25 साल का बेटा गूँगे यहां कई वर्षों से कब्र खोदने का काम करता है। कब्रिस्तान कमेटी के मुतवसल्ली मोहहम्मद जावेद ने बताया कि इन दिनों कब्र खोदने का काम ज्यादा हो रहा है। ऐसे में कब्र खोड्डे पर दबाव पड़ रहा है। दो दिन पहले गूंगे की सांस कब्र खोदते-खोदते उखड़ गई। ऐसे में उसके उपचार के लिए अस्पताल दर-अस्पताल भटकते रहे। लेकिन कहीं उपचार और आक्सीजन न मिलने से उसने सोमवार की शाम को दम तोड़ दिया। रात को उसका जनाजा उसी कब्रिस्तान में दफनाया गया जहां वो बचपन से कब्रों की खुदाई देख रहा था ।

मुआवजा के लिए जिलाधिकारी की मांग की कब्रिस्तान कमेटी

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। गूंगे के परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए जिलाधिकारी से मांग उठाएगी.इस लिए की गूँगे के परिजन यही बेटा था जो कब्र खोद कर जिससे परिवार को गुजर बसर होता रहा पिता बुजुर्ग हो चुके हैऔर इस लायक नही की कब्र खोद सके.इसिलए मुआवजा की मांग की गई है।

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