Latest

कृषि कानूनों की वापसी पर_जिला महानगर उद्योग व्यापार मंडल की आपात बैठक

जन आंदोलन एवं सत्याग्रह ने दिखाई अपनी ताकत- राजीवकृष्ण

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को वापस लेने से पुनः स्पष्ट हुआ कि “लोकतंत्र में सत्याग्रह व आंदोलन”की देश की आजादी के बाद आज भी धार कम नही । आज भी वह ऐसा रास्ता है जिससे “तानाशाही प्रवृत्ति की शक्तियों को झुकाया जा सकता है” उक्त विचार व्यक्त करते हुए। प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव कृष्ण श्रीवास्तव बंटीभैया एवं जिला अध्यक्ष सुशांत केसरवानी वरिष्ठमहामंत्री अनूप वर्मा और निखिल पांडेय ने किसानों की इस महत्वपूर्ण खुशी में गांधीजी शास्त्रीजी को नमन करते हुए व्यापारियों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए प्रयागराज कार्यालय चौक पर कहा।जिसके अंतर्गत सरकारों को गंभीर चेतावनी से लेकर क्रमबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है । इस संबंध में केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व गंभीर सामूहिक निर्णय लेने के करीब है १३ नववंबर कीअति महत्वपूर्ण कार्य समिति द्वारा इस संबंध में निर्णय लिए जा चुके हैं। आज के इस गंभीर समय में “व्यापारी और उद्यमी त्रस्त और सरकारी मशीनरी मस्त” की नीति से समाज को मुक्त कराना आवश्यक है*क्योंकि हमेशा केंद्र और राज्य सरकारों के खजाना को भरने वाला यह वर्ग असहाय बना रहे, और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने वाले मलाई काटे तो वह संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सरकार को बदनाम करने की साजिश नाकाम की जाएगी। महानगर अध्यक्ष एवं प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष द्वारा स्पष्ट रूप से संदेश दिया गया कि केंद्र और राज्य की सरकारों सहित सरकारी मशीनरी को स्पष्ट रूप से मानना ही होगा कि देश की सीमा पर जवान, देश के खेतों में हमारा किसान, और देश की अर्थव्यवस्था में उद्यमी और व्यापारी सर्वोपरि है इनके हर दुख दर्द को समझना होगा। उक्त अवसर पर अन्य उपस्थित लोगों में मुख्य रूप से मनीष गुप्ता
राजेश केसरवानी कोषाध्यक्ष, धर्मेंद्र कुमार भैयाजी,गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के सतीश केसरवानी,अभिषेक केशरवानी तरुण प्रताप सिंह बसंत लाल आजाद दिनेश सिंह पं अवनीश शुक्ला,प्रशांत शर्मा, लिप्पी पाठक,राजीव तिवारी,प्रशांत पांडे,नमन ज्योत सिंह,राजकुमार केसरवानी,सुशील जायसवाल शुभम शर्मा,अन्नु केसरवानी सुमित सिंह बागी,मुसाब खान,विशाल वर्मा,विवेक खन्ना, नीरज साहू,संदीप जयसवाल विक्की जौहरी,आदि व्यापारी प्रमुख रूप से रहे।

Related Articles

Back to top button