अहियापुर गुरुद्वारा में पक्की संगत में सिखों के जमावड़े से निहाल हो उठा

सिख समाज ने लोगों की सेवा कर मनाया गुरुतेग बहादुर के शहीदी दिवस
(अनुराग शुक्ला )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। आज अहियापुर स्थित गुरुद्वारा पक्की संगत बुधवार को सिखों के जमावड़े से निहाल हो उठा। अवसर था गुरुतेग बहादुर के शहीदी दिवस का। इसमें प्रयागराज के सभी गुरुद्वारे और सिखों के अखाड़े शामिल हुए तो दूसरे राज्यों से भी सिख संगतें पहुंचीं। गुरुद्वारा पक्की संगत सिखों के नौवें गुरु, गुरुतेग बहादुर का तपस्थल भी है और यहीं पवित्र अखंड पाठ साहिब की शुरुआत हुई थी। उन पलों को एक बार फिर ताजा करते हुए सिख समुदाय ने यहां जुटकर गुरुतेग बहादुर का गुणगान किया। सुबह से अखंड पाठ साहिब का समापन शाम को हुआ। इसके बाद कथा कीर्तन हुए। रागी जत्थे भाई हरदीप सिंह मुंबई वाले, भाई अमरजीत सिंह हजूरी गुरुद्वारा पक्की संगत, भाई अमरजीत सिंह गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा खुल्दाबाद, भाई हरविंदर सिंह हजूरी गुरुद्वारा अलोपीबाग, भाई गुरुबचन सिंह गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार मीरापुर और गुरुद्वारा पक्की संगत के स्त्री सत्संग सभा ने हिस्सा लिया।
गुरुद्वारा पक्की संगत के महंत ज्ञान सिंह के निर्देशन में हुए कार्यक्रम में गुरुद्वारा में भव्य सजावट की गई। बच्चों को अवश्य दिलाएं पंजाबी भाषा का ज्ञान। गुरुतेग बहादुर के सपनों को साकार करने के लिए सभी सिखों को अपने बच्चों को पंजाबी भाषा का ज्ञान अवश्य देना होगा।
सिख समागम में सभी आयोजन महंत स्वामी ज्ञानदेव सिंह वेदांताचार्य की देखरेख में हुआ। इस अवसर पर महंत देवेंदर सिंह शास्त्री, महंत जसविंदर सिंह शास्त्री, महंत राजबीर सिंह (काशी), संत बृजेंद्र सिंह (काशी), महंत हरभजन सिंह, संत आशाराम, महंत लक्ष्मण सिंह शास्त्री लखीमपुर, संत सहजदीप सिंह भी शामिल हुए।



