
इलाहाबाद। समाजवादी पार्टीकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 28 जुलाई को लखनऊ में होने जा रही है. बताया जा रहा है कि बैठक में बीएसपी से सीटों के तालमेल पर मंथन होगा. किन सीटों पर पार्टी को 2019 लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहिए इस पर बैठक में ही रिपोर्ट पेश की जाएगी. बता दें कि अखिलेश यादव पहले ही कन्नौज से औरमुलायम सिंह यादव के मैनपुरी से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं.
सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के सभी पदाधिकारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए आ रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “चूंकि 2019 का लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, इस लिहाज से बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं. नरेश उत्तम कहते है कि विभिन्न दलों के साथ गठबंधन और सीटों को लेकर चर्चा होगी. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं. सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सभी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है, लेकिन शिवपाल के शामिल होने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने चुप्पी साध ली.सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा कि, “राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन और बूथों को मजबूत करने की रणनिति पर विचार-विमर्श होगा. वहीं गठबंधन की सीटों के
मी लोकसभा चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ताओं को हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार रहने के निर्देश दिए जाएंगे. सपा प्रवक्ता ने दावा करते हुए कहा कि सपा के संरक्षक मुलाय सिंह यादव बैठक में शामिल होंगे.
समाजवादी पार्टी अगला लोकसभा चुनाव बीएसपी के साथ मिल कर लड़ेगी लेकिन क्या इस गठबंधन में कांग्रेस भी शामिल होगी? के सवाल पर साजन ने कहा कि अभी इस विषय पर फैसला नहीं हुआ है. सूत्रों का दावा है कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव कांग्रेस के बदले आरएलडी से चुनावी समझौते के पक्ष में हैं लेकिन मायावती गठबंधन में कांग्रेस को भी साथ रखना चाहती हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से पिछली बार सिर्फ सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही चुनाव जीत पाए थे. कांग्रेस को गठबंधन में कितनी सीटें मिल सकती हैं, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस पर भी चर्चा हो सकती है.
उधर, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में यह तय हुआ है कि यदि 2019 में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो राहुल गांधी पीएम पद के एकमात्र दावेदार होंगे. उधर कांग्रेस ने राहुल गांधी को गठबंधन का पीएम चेहरा घोषित कर 2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार का शंखनाद तो कर दिया, लेकिन साथ ही सपा और बसपा को असमंजस में भी डाल दिया है.
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कह चुके हैं कि बसपा से गठबंधन के बाद उनकी केंद्र की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है. उनका कहना था कि मायावती केंद्र की राजनीति करेंगी और वे राज्य की राजनीति से संतुष्ट हैं. गठबंधन के पीएम चेहरे को लेकर अखिलेश यादव का कहना था कि चुनाव परिणाम आने के बाद ही पीएम पद के नेता का चुनाव किया जाएगा.


