सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच भरतकुंड महोत्सव का हुआ समापन

(अनुराग शुक्ला ) अयोध्या ( अनुराग दर्शन समाचार ) । 23वें भरतकुंड महोत्सव में पांच दिनों तक चली विशिष्ट कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच भरतकुंड महोत्सव ने सम्पन्न हुआ।
विभिन्न क्षेत्रों से 8 को दिया गया नंदीग्राम रत्न पुरस्कार
रंगारंग कार्यक्रम में शानदार भूमिका निभाने वाले विभिन्न जनपदों के विशिष्ट कलाकार रहे। जिन्होंने पांच दिनों तक अपनी प्रतिभा को मंच पर जमकर बिखेरा और वाहवाही बटोरी। पांच दिवसीय भरतकुंड महोत्सव के समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला अधिकारी नितीश कुमार ने कहा कि संस्कृति को आयाम और आधार देने वाले इस महोत्सव में मेले और झूलों की प्रदर्शनी के साथ ही इसको और भव्य रूप दिया जाय जिस्से प्रदेश से लेकर पूरे देश में इसकी कीर्ति फैले। हस्तशिल्प हथकरघा और स्थानीय कलाकारों को भी इस महोत्सव के माध्यम से बढ़ावा मिले। उन्होंने भरतकुंड महोत्सव के आयोजन की जमकर प्रशंसा करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा जताया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय ने कहा कि भरत जैसा चरित्र पूरी दुनिया मे न देखने को मिलता है न ही सुनने को। हमें उनके आचरणों को आत्मसात करने की जरूरत है। इसके उपरांत भाजयुमो के प्रदेश महासचिव हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि आने वाले महोत्सव को प्रदेश से लेकर देश स्तर का बनाने में हरसंभव मदद के लिए संकल्पबद्ध हूँ। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीता आहूजा एंड टीम द्वारा अयोध्या आये हैं श्रीराम, सज रहे हैं आज घर घर द्वार… पर जोरदार नृत्य के साथ कैकई भरत संवाद समेत अन्य भरत जी के चरित्र से जुड़े प्रसंगों का जोरदार मंचन किया गया। इसी क्रम में अयोध्या शोध संस्थान की ओर से भेजे गए मुकेश एंड ग्रुप नेे फरवाही नृत्य की जोरदार प्रस्तुति दी। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रभारी बृजेंद्र दुबे, बृजमोहन तिवारी, शिवम मिश्र और उदय कांत शुक्ला के निर्देशन में लखनऊ मथुरा और आसपास के जनपदों से आए कलाकारों ने अपने जोरदार नृत्य और अभिनय की प्रस्तुति देकर सभी अतिथियों का मन मोह लिया।


