दो घंटे के पेपर में प्रश्नों के विकल्प और अंक बढ़ाए
( विनय मिश्रा ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। यूपी बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा शनिवार से प्रदेश के 590 केंद्रों पर शुरू हो गई। परीक्षा तीन की बजाय दो घंटे की कराई गई। पिछले वर्षों की तुलना में प्रश्नों के विकल्प और उनके अंक बढ़ा दिए गए।
यूपी बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा के पैटर्न में बदलाव
कोरोना काल में हुई अंक सुधार परीक्षा के लिए बोर्ड के विशेषज्ञों ने इस प्रकार प्रश्नपत्र तैयार किया था कि छात्र-छात्राओं को परेशानी न हो।
पहली पाली में सुबह 8 से 10:15 बजे तक हुई हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में विद्यार्थियों को सिर्फ 8 प्रश्नों के जवाब देने थे। 70 अंकों के प्रश्नपत्र में पहले 12 प्रश्नों को हल करना होता था। पहले 1 व 2 प्रश्न संख्या के लिए 5-5 अंक निर्धारित थे। इस बार एक या 2 में से कोई किसी एक प्रश्न को करने पर 10 नंबर मिलेंगे।
इसी प्रकार पहले प्रश्न संख्या 3 में गद्य और 4 में पद्य पर आधारित 6-6 नंबर के प्रश्न पूछे जाते थे। इस पेपर में गद्य या पद्य पर आधारित प्रश्नों में से किसी एक को करना था और उसके लिए 12 नंबर निर्धारित थे। प्रश्न 5 व 6 में 3-3 नंबर लेखक व कवि का जीवन परिचय लिखना होता था। इस बार लेखक या कवि में से किसी का जीवन परिचय लिखने पर 6 नंबर मिलने हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व के वर्षों में रस, छंद व अलंकार पर आधारित प्रश्न संख्या 8 करने पर 6 नंबर और किसी विषय पर निबंध लिखने पर 6 नंबर मिलते थे। इस बार दोनों में से कोई एक करने पर 12 नंबर निर्धारित थे। रानी रेवती देवी इंटर कॉलेज के शिक्षक दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि इसी प्रकार इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र में भी बदलाव किया गया है।



