मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का ट्रांसफर होना अनिवार्य

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। कई वर्षों से मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में जमे डाक्टरों का ट्रांसफर होना चाहिए। क्योंकि अधिकतर डॉक्टर अपना खुद का नर्सिंग होम दूसरे के नाम से या दूसरे प्राईवेट अस्पताल में प्राईवेट प्रैक्टिस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। आये दिन हड़ताल इसी की एक कड़ी है। मरीज अपनी जान बचाने के लिए प्राईवेट नर्सिंग होम अस्पताल की शरण में जायेगा ही। यह बातें सपा पूर्व प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने जार्ज टाउन में एक आवश्यक बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हड़ताल, अव्यवस्था, अराजकता, भ्रष्टाचार का शिकार, आये दिन कार्य बहिष्कार, सैलरी सरकारी एवं प्रैक्टिस प्राईवेट गरीबों की फजीहत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद में एम्स जैसे सरकारी बड़े अस्पताल की अति आवश्यकता है। यूपीए सरकार में सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह द्वारा इलाहाबाद में एम्स की स्थापना का प्रस्ताव लगभग स्वीकृति हो गया था, लेकिन तत्कालीन यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने उसे अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में स्थानांतरित करा दिया। जबकि उसके बगल में पीजीआई पहले से अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा था। इलाहाबाद के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार हुआ। इसी का नतीजा है कि आज इलाहाबाद में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था ध्वस्त है।
उन्होंने कहा कि बहुत से मामले देखने में आये हैं कि गरीब इलाज के लिए अपना जमीन मकान गिरवी रखकर कर्ज में डूब जाता हैं। इसलिए सरकारी डाक्टरों के प्राईवेट प्रैक्टिस पर तत्काल प्रभाव से कड़ाई से रोक लगे और उनका नियमित ट्रांसफर होता रहे। इससे एक जगह जमकर वो कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बना पायेंगे। बैठक में राममनोहर पटेल, श्याम सुंदर, रमेश यादव, घनश्याम सिंह, सुरेश शर्मा, बहादुर प्रसाद, सोनू निगम, पप्पू भारतीय आदि मौजूद रहे।




