किशोर अपराध के परिणाम को समझने में अपरिपक्व होता है, उसे सुधार का अवसर मिलना चाहिए
इलाहाबाद।अल कौसर सोसाइटी की ओर से खुल्दाबाद स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में प्रधान मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी की अध्यक्षता में “किशोर न्याय और पुनर्वास के उपाय” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संस्था की अध्यक्ष व बालमित्र नाजिया नफीस ने बताया कि संगोष्ठी में किशोरों से उक्त विषय के बारे मे विस्तृत रूप से चर्चा की गई।

नाजिया ने कहा कि किशोर अपराध की प्रकृति और परिणाम को समझने में अपरिपक्व होता है,अत:उसे सुधार का अवसर मिलना चाहिए जिससे वह समाज की मुख्य धारा में वापस आ सके।
उनके द्वारा किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास किया जायेगा जिससे कि वह समाज में सिर उठाकर सम्मान से अपना जीवन यापन कर सकें।

किशोर न्याय अधिनियम की भी यही मंशा है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने न्याय अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला तथा बच्चों से जीवन में अनुशासित होकर अच्छे नागरिक बनने की अपील की।
प्रधान मजिस्ट्रेट ने कहा उनके द्वारा प्रत्येक माह पाँच ऐसे किशोरों का चयन किया जायेगा जिनका आचरण अच्छा होगा और उन किशोरों के मुकदमों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द की जायेगी।विधि सह परिवीक्षा अधिकारी विवेक द्विवेदी ने किशोरों को समझाया कि सम्प्रेक्षण गृह में गृह का तात्पर्य घर से है।
वह अपने मन से नकारात्मक विचारों को निकाल कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करें,अच्छे बने।सम्प्रेक्षण गृह के अधीक्षक एस.पी.सिंह ने किशोरों से कहा कि वह अनुशासित हो और सुधरने का प्रयास करें अपने आचरण में बदलाव लायें उन्हें पूरी तरह से सहयोग मिलेगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आशीष द्विवेदी व सम्प्रेक्षण गृह के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



