गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पानी पहुंच गया शिविरों तक

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। माघ मेला की अधूरी तैयारी के बीच एक और मुश्किल खड़ी हो गई है। गंगा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। इस कारण कगार पर बसाए गए कई शिविर जलमग्न हो गए हैं। गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तट पर बसाए गए शिविरों को हटाना पड़ सकता है। काली मार्ग पुल नंबर तीन के पास शिविरों में लोग रहने लगे थे। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर पानी शिविरों तक पहुंच गया। इससे शिविरों के लोग परेशान होकर दिन में सामान बाहर करते रहे। काली मार्ग पर ही सागर के संत के शिविर में तैयारी रोकनी पड़ी। शिविर में पानी घुस गया। काली मार्ग के पास पानी पहुंच गया। प्रथम स्नान पर्व के लिए सिंचाई विभाग मेला क्षेत्र में गंगा के कगार को समतल करा रहा था। समतल कगार का आधा हिस्सा जलमग्न हो गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ता देख अबतक समतल कगारों को बचाने के लिए अब मिट्टी का बंधा बनाया जा रहा है। मेला की तैयारी देखने पहुंचे मंडलायुक्त संजय गोयल और जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने मेला अधिकारी शेशमणि पांडेय से बात की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के इंजीनियरों से भी बढ़ते जलस्तर को लेकर पूछताछ की। अधिकारियों को सबसे अधिक डर मेला क्षेत्र में कटान शुरू होने को लेकर है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों का कहना है कि बारिश का पानी है। इससे पहले 15 दिसंबर तक गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मेले की तैयारी गति नहीं पकड़ पाई थी। सिंचाई विभाग का कहना है कि गंगा के साथ यमुना का भी जलस्तर बढ़ने से हालात ऐसे बने है।


