कुम्भ के कार्यों का होगा थर्ड पार्टी निरीक्षण, साफ्टवेयर विकसित
इलाहाबाद,(अनुराग शुक्ला) कुम्भ के कार्यों की प्रगति का निरीक्षण थर्ड पार्टी एजेंसी से कराये जाने के संबंध में आयोजन के लगभग एक वर्ष पूर्व से ही प्रारंभ हो चुके विकास कार्यो की प्रगति का निरीक्षण भी अब प्रारम्भ होना है। इसके लिए एक विश्वस्तरीय एजेंसी टीयूवी को निविदा द्वारा निर्धारित किया गया है तथा विकास कार्यों के समयबद्ध रूप से पूरा किये जाने पर नजर रखने के लिए एवं प्रगति की सूचना से प्रशासन को अवगत कराते रहने के लिए एक सशक्त साफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है।
इस साफ्टवेयर के माध्यम से थर्ड पार्टी निरीक्षण की प्रक्रिया सुनिश्चित कराने के लिए एमएनआईटी के सेमिनार हाल में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में कुम्भ आयोजन के मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण एवं कुम्भ आयोजन से संम्बन्धित सभी विभागों के प्रमुख तथा सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्जवलन के साथ मण्डलायुक्त डाॅ. आशीष कुमार गोयल ने किया। थर्ड पार्टी निरीक्षण के लिए चयनित एजेंसी टीयूवी के टीम लीडर अनिल पंत ने परिचय देते हुए कहा कि टीयूवी एक विश्वस्तरीय कम्पनी है जो भारत में प्रामाणिक संस्था के रूप में 1995 से कार्य कर रही है।
कम्पनी की कार्यशैली का परिचय देते हुए बताया गया कि उनकी यह कम्पनी निर्माण कार्य निरीक्षण तथा कार्य आदि का व्यापक अनुभव रखती है तथा कुम्भ आयोजन का थर्ड पार्टी निरीक्षण करने के लिए साफ्टवेयर के माध्यम से वे साप्ताहिक, मासिक अवधि की वास्तविक रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराते रहने के लिए अपनी पूरी अवस्थापना इलाहाबाद में कार्यरत कर चुकी है।
कम्पनी द्वारा विकसित साफ्टवेयर को साफ्टवेयर के बारे में मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने वहाँ उपस्थित सभी विभागों के प्रमुखों, कर्मचारियों को यह बताया कि अब समस्त कार्यों के प्रगति की रिपोर्ट सभी विभाग साफ्टवेयर में दिये गये पाठय में नियमित रूप अंकित करते रहेगें, तथा कुम्भ की प्रगति से सम्बन्धित साप्ताहिक समीक्षा बैठकों से लेकर मुख्य सचिव/स्तर से होने वाली सभी बैठकों में कार्य की प्रगति का आंकलन इसी साफ्टवेयर में सभी विभागों की समस्त कार्यो का वर्गीकृत विवरण विकास कार्यो की समयबद्ध प्रगति के अनुसार माइलस्टोन के रूप में अंकित होता रहेगा। जिसकी वास्तविक परीक्षण थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी अपने स्तर से करते हुए समयबद्ध रूप से मण्डलायुक्त और प्रशासन को अवगत कराती रहेगी।
साफ्टवेयर में समस्त कार्यो के समयबद्ध चार्ट के अनुसार मौलिक प्रगति का उल्लेख माइलस्टोन के रूप में दिखता रहेगा तथा कार्य के सापेक्ष अवमुक्त धनराशि के व्यय की भी स्थिति पारदर्शी ढंग से दिखाई देती रहेगी।
इस प्रकार कार्य की भौतिक, वास्तविक आख्या गुणवत्ता एवं समयबद्ध अनुपालन के रूप में पारदर्शी ढंग से रिखाई देती रहेगी।
मण्डलायुक्त डाॅ आशीष कुमार गोयल ने साफ्टवेयर के आधार पर समयबद्धता और व्यय के निरीक्षण के साथ-साथ स्थलीय स्तर की भौतिक प्रगति की वास्तविक निरीक्षण थर्ड पार्टी एजेंसी से साफ्टवेयर के द्वारा सुनिश्चित कराई जाने की प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा कि यह एक अभूतपूर्व व्यवस्था है, जिसमें थर्ड पार्टी के निरीक्षण एक अनुभवि एजेंसी से कराया जा रहा है। जो विभागों के प्रमुखों के बजाए अपनी रिपोर्ट सीधे मेला प्रशासन और मण्डलायुक्त को देगी।
इससे विकास कार्यो की समयबद्धता और उनकी गुणवत्ता पर हस्तक्षेप के केन्द्रीय नियंत्रण रहेगा तथा हर विभाग की प्रगति आख्या साफ्टवेयर पर पारदर्शी ढंग से उपलब्ध रहेगी। मण्डलायुक्त ने बहुत कड़ाई से सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह स्वयं अपने समस्त कार्य नियमित रूप से साफ्टवेयर पर अंकित करते रहने के लिए स्वयं उत्तरदायी होंगे तथा किसी भी तरह की गलत सूचना या लापरवाही की स्थिति में उनकी गंभीर जवाबदेही होगी।
निरीक्षण एजेंसी अपनी रिपोर्ट सीधे मेला अधिकारी को प्रेषित करेगी तथा कोई भी अधिकारी व कर्मचारी निरीक्षण एजेंसी के लोगो से साीधे सम्पर्क नहीं करेगा न ही उनके कार्य में कोई हस्तक्षेप करेगा।
उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि साफ्टवेयर में प्रगति रिपोर्ट अंकित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि जो प्रगति मौके पर हो वही कागज पर भी रहे। उन्होंने यह स्पष्टता थर्ड पार्टी के लोगो को भी अवगत कराया कि निरीक्षण कार्य में उनकी लायलटी हर दशा में प्रशासन और नियंत्रक अथाॅरिटी के प्रति होनी चाहिए। वे किसी भी दशा में विभागीय अधिकारियों के प्रति उत्तरदायी नहीं है।
कार्य के प्रगति की सही व स्पष्ट जानकारी समय से प्रशासन को अवगत कराते रहे एवं गुणवत्ता पर कड़ा नियंत्रण बनाये रखने की चुनौती हमेशा थर्ड पार्टी की भी है और कार्यदायी विभागों की भी है।
मण्डलायुक्त ने जोर देकर सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि कार्यो की समयबद्धता और गुणवत्ता तो वे सुनिश्चित कराये ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाये कि दिये गये कार्य देखकर आम आदमी संतोष और प्रसन्नता का अनुभव करे।
इसलिए कार्यो को पूरी नियत अनुभव से गुणवत्ता के साथ-साथ सुन्दर ढंग से भी पूरा करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे सड़कों के निर्माण में लेयर की मोटाई का ध्यान रखा जाय वैसे ही उसकी सुन्दरता, चिकनाई और रंग को भी आकर्षक रूप में बनाया जाय। उन्होंने कहा कि मत भूलिए कि आप इस कार्य में केवल एक सरकारी नौकरी ही नहीं कर रहे है बल्कि दुनिया के सबसे अधिक भव्य और दिव्य आयोजन के साक्षी भी बन रहे है।
यह एक पूर्ण और जन-कल्याण का कार्य है जिसकी सफलता पर आपकों जीवनपर्यन्त गर्व अनुभव होगा तथा सफलता का यह अनुभव हमेशा आपको गुदगुदाता रहेगा। मण्डलायुक्त ने बड़े भावपूर्ण ढंग से कहा कि इस कार्य में आपका योगदान नित्य गंगा स्नान के बराबर है। मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनंद ने माघ मेला 2018 की सफलता के लिए तथा दिये गये नये प्रयोगों के लिए सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया।



