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जनता को ऐसे सुशासन की नहीं थी अपेक्षा: रेवती

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। देश हित में निजीकरण का विरोध होना चाहिए। चन्द उद्योगपतियों के लाभ के अलावा निजीकरण से आम जनता को कोई लाभ नहीं होगा बल्कि उनको मिलने वाली सुविधाएं महंगी हो जायेगी और कर्मचारियों का शोषण अलग होगा।

 

सांसद बोले, देशहित में होना चाहिए निजीकरण का विरोध

 

यह बातें प्रदेश के पूर्व बिजली मंत्री व राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने कही।

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि आजादी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर जोर दिया गया जो नो प्राफिट नो लॉस के सिद्धांत पर आधारित था। इससे जनता को सस्ती और अच्छी सेवा मिलती थी।

रेवती रमण ने कहा कि भाजपा किस सिद्धांत पर काम कर रही हैं यह जनता के समझ से परे हैं। खुद भाजपाई भी नहीं बता पा रहे हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम की बिक्री व निजीकरण से आम जनता को क्या लाभ होगा।

कहा कि यूपी में बिजली उत्पादन लागत लगभग 7.90 रुपए प्रति यूनिट पड़ती हैं निजीकरण के बाद 16 फीसदी लाभ कम्पनी लेगी। एक किसान को 8000 रुपए प्रति माह और शहरी उपभोक्ता को 8-10 हजार रुपए प्रतिमाह बिजली का बिल देना होगा।

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