प्रधानाचार्या को हाईकोर्ट से मिली राहत , उत्पीडऩात्मक कार्रवाई पर कोर्ट ने लगाई रोक

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंडियन कॉन्वेंट स्कूल सिविल लाइन झांसी की प्रधानाचार्य मधु माम उर्फ मधु शर्मा के खिलाफ हत्या व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप में दर्ज आपराधिक मामले के तहत उत्पीडऩात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। साथ ही अधीनस्थ अदालत में विचाराधीन राज्य बनाम राकेश कुमार व अन्य की पत्रावली तलब कर ली है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने मधु माम की पुनरीक्षण याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता अश्वनी कुमार ओझा ने अपनी बहस में कहा कि एक अध्यापिका ने पेपर आउट कर दिया जिसे बुलाकर प्रबंधक ने फटकार लगाई और नौकरी से निकालने की धमकी दी। इस पर अध्यापिका ने स्कूल परिसर में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में प्रधानाचार्य व प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। याची की आरोप मुक्त करने की अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। याची पर न तो हत्या और न ही आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध बनता है। अधीनस्थ अदालत ने बिसरा रिपोर्ट में जहर व सुसाइड नोट के आधार पर याची की अर्जी खारिज कर दी है।



