मेडिकल बोर्ड से रेप पीड़िता की जांच का निर्देश

( विनय मिश्रा )प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर की बलात्कार पीड़िता के 19 सप्ताह के अनचाहे गर्भ को गिराने की अनुमति की मांग में दाखिल पीड़िता की याचिका पर मेडिकल जांच बोर्ड गठित किया है।
कोर्ट ने लाला लाजपत राय मेमोरियल अस्पताल मेरठ के प्राचार्य को चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा अगस्त में ही पीड़िता की मेडिकल जांच करने निर्देश दिया है। साथ ही अपर जिला जज प्रथम मेरठ से सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। वह जांच रिपोर्ट दो सितंबर को हाईकोर्ट में पेश करेंगे। कोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर को मेडिकल कॉलेज आने-जाने के दौरान पीड़िता व उसके साथ के लोगों की पूरी सुरक्षा करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता एवं न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने पीड़िता की याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 24 सप्ताह के गर्भपात की अनुमति देता है। ऐसा पीड़िता के मानसिक स्वास्थ्य को होने वाले नुक़सान से बचाने के लिए किया गया है। पीड़िता ने सरकार से अनुमति मांगी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट की शरण ली है। बीते जुलाई माह में बुलंदशहर के सरकारी अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच की गई थी।कुल 19 सप्ताह का गर्भ पाया गया। पीड़िता इस अनचाहे गर्भ को गिराना चाहती है, जिसके लिए यह याचिका की है। याचिका की अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी।


